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Corona vividh 19 की लड़ाई में हेमंत आगे : कलेक्टर ने दिखाई दृढ़ता, संकट प्रबंध समिति में सांसद-विधायक सदस्य नहीं


बैतूल। देश-प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते केन्द्र से लेकर प्रदेश की सभी सरकारें अलर्ट पर है एवं इस महामारी के निदान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। 

मध्यप्रदेश वर्तमान समय में देश में कोरोना पॉजीटिव मरीजों की संख्या के मामले में चौथे नंबर पर है। केन्द्र सरकार ने 25 मार्च से देशभर में लॉकडाउन घोषित किया था। मप्र शासन ने लॉकडाउन के दौरान आने वाली समस्याओं और व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए हर जिले में जिला संकट प्रबंध समूह का गठन किया था। मप्र शासन गृह मंत्रालय के पत्र क्रमांक 43/2020 दिनांक 3 अप्रैल 2020 के अनुसार इस समिति का गठन हुआ और बाद में इसका पुनर्गठन हुआ। मप्र के लगभग सभी जिलों में इस समिति में स्थानीय सांसद एवं विधायकों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन बैतूल जिले की स्थिति अलग है। 

बैतूल जिले की संकट प्रबंध समिति में कलेक्टर राकेश सिंह अध्यक्ष एवं शासकीय अधिकारियों में सदस्य एसपी, सीएमओ, सिविल सर्जन, सीएमएचओ, जिपं सीईओ एवं होमगार्ड कमांडेंट तथा अशासकीय सदस्यों में शुरू में पूर्व विधायक हेमंत खंडेलवाल, पूर्व बैंक प्रशासक अरूण गोठी एवं भारतभारती शाला समिति के सचिव मोहन नागर को सदस्य बनाया गया था और बाद में डॉ. राजेन्द्र देशमुख एवं ब्रजआशीष पांडे को जोड़ा गया था।

बैतूल संसदीय क्षेत्र अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है, वहीं घोड़ाडोंगरी और भैंसदेही विधानसभा सीट भी इसी अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए रिजर्व है। आमला विधानसभा सीट अनुसूचित जाति तथा बैतूल एवं मुलताई सीट अनारक्षित है। इस तरह से बैतूल जिले के जनप्रतिनिधियों में अनुसूचित जनजाति वर्ग से भाजपा सांसद डीडी उइके एवं इसी जनजाति से विधायकों में कांग्रेस के ब्रह्मा भलावी एवं धरमू सिंह है। अनुसूचित जाति वर्ग से आमला से भाजपा के डॉ. योगेश पंडाग्रे विधायक निर्वाचित हुए है तथा बैतूल और मुलताई विधानसभा सीट से कांग्रेस के ही निलय डागा और सुखदेव पांसे विधायक है। इस तरह से अनुसूचित जनजाति वर्ग से तीन एवं अनसूचित जाति वर्ग से एक जनप्रतिनिधि है। 

बैतूल जिला संकट प्रबंध समूह में किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि (सांसद एवं विधायकगण) को सदस्य ना बनाए जाने को लेकर राजनैतिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है और कई क्षेत्रों से विरोध के स्वर भी उठे है कि जब सभी जिलों में इस महत्वपूर्ण समिति में जिले के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शामिल किया गया है तो बैतूल समिति में शामिल नहीं किए जाने का क्या कारण है। जब समिति में चार अशासकीय सदस्य राजनैतिक दलों से है, तो इन राजनैतिक दलों की तरफ से निर्वाचित सांसद और विधायकों को शामिल क्यों नहीं किया गया। 

खबरवाणी को मिली जानकारी के अनुसार इस संबंध में बैतूल के जुझारू कांग्रेस विधायक निलय डागा प्रशासन के सामने अपना विरोध दर्ज करा चुके है। इसके अलावा भाजपा के कई सदस्यों ने भी मीडिया के माध्यम से यह बात उठाई है। संकट प्रबंध समिति में सांसद-विधायकों को तो शामिल नहीं किया गया, लेकिन इन्हें लॉकडाउन की अवधि 25 मार्च से आज दिनांक तक मात्र दो बार प्रशासन द्वारा बैठक बुलाकर असंतोष कम करने का प्रयास जरूर किया गया, जिसमें पहले बैठक 10 अप्रैल को और दूसरी बैठक कल 27 अप्रैल को बुलाई गई थी। पहली बैठक में सांसद और चार विधायक उपस्थित रहे। सिर्फ भैंसदेही के विधायक धरमूसिंह अनुपस्थित रहे। कल की बैठक में मुलताई विधायक सुखदेव पांसे अनुपस्थित रहे। खबरवाणी को मिली जानकारी के अनुसार कल की बैठक में बैतूल के विधायक निलय डागा ने कहा कि मै विपक्षी दल का विधायक हूं, इसलिए भले ही मुझे समिति का सदस्य ना बनाया जाए, लेकिन कम से कम सत्तारूढ़ भाजपा के सांसद और विधायक को तो समिति में शामिल करें। 

वहीं जिला संकट प्रबंध समूह की लॉकडाउन के बाद से अभी तक 12 से 15 अधिकृत बैठके हो चुकी है, जिसमें हर बैठक में अशासकीय सदस्य हेमंत खंडेलवाल, अरूण गोठी और मोहन नागर उपस्थित रहे और इन बैठकों में ही यह निर्णय लिए गए कि किस तरह से लॉकडाउन की अवधि के दौरान विभिन्न सामग्रियों की दुकाने खोलने और उसके लिए समयावधि तय की जाए और इन बैठकों का जनसंपर्क विभाग के माध्यम से अधिकृत समाचार भी समय-समय पर जारी हुआ। 

इस तरह से कई बार यह मामला उठने के बावजूद संकट प्रबंध समिति में सांसद, विधायकों को सदस्य नहीं बनाए जाने को लेकर राजनैतिक क्षेत्र में यह चर्चा हो रही है कि पूर्व विधायक हेमंत खंडेलवाल एक बार फिर भाजपा के प्रदेश में सत्ता संभालने के बाद जिले में सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में सामने आए है और प्रशासन भी उनकी बात को नजरअंदाज नहीं कर पा रहा है, क्योंकि जब भाजपा के वर्तमान जनप्रतिनिधि और पूर्व जनप्रतिनिधि एक साथ उपस्थित रहकर प्रशासन के सामने कोई बात रखते है, तो उस समय अधिकांश बात सिर्फ पूर्व विधायक हेमंत खंडेलवाल ही तथ्यों के साथ पक्ष रखते है और बाकी जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी बात ध्यान से सुनते है।

इसलिए माना जा रहा है कि संकट प्रबंध समिति के गठन में भी हेमंत खंडेलवाल के अनुसार ही सदस्यों का चयन किया गया है, क्योंकि जिस तरह से समिति में कांग्रेस नेता अरूण गोठी को शामिल किया गया है, उसके लिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा से सलाह लेने की जगह पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे से राय ली गई थी। ऐसी जानकारी सूत्रों के माध्यम से प्राप्त हुई है और इसीलिए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को समिति का सदस्य नहीं बनाया गया है और ऐसा लगता है कि अब इन जनप्रतिनिधियों को सदस्य बनाया भी नहीं जाएगा। 

प्रशासनिक हल्कों में इसे संवेदनशील कलेक्टर एवं प्रशासनिक क्षमता के धनी राकेश सिंह की दृढ़ इच्छाशक्ति निरूपित की जा रही है, जिन्होंने विरोधों और दबावों के बावजूद इस समिति में जनप्रतिनिधियों को शामिल करना उचित नहीं समझा। इस संबंध में बताया जा रहा है कि कलेक्टर राकेश सिंह ने एक जनप्रतिनिधि को कहा कि मै आप लोगों से मिलने वाले सुझावों का दिन-प्रतिदिन पालन करवा रहा हूं। 

Indore कोरोना वायरस नहीं हार्ट अटैक से हुई थी TI देवेंद्र चंद्रवंशी की मौतः डॉक्टर


इंदौर के जुनी थाने में पदस्थ टीआई देवेंद्र चंद्रवंशी की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से नहीं हुई है, बल्कि टीआई की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई है.

इंदौर। शहर के जुनी थाने में पदस्थ टीआई देवेंद्र चंद्रवंशी की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से नहीं हुई है, बल्कि टीआई की मौत हार्ट अटैक से हुई है, ड्यूटी के दौरान तबीयत खराब होने पर देवेंद्र चंद्रवंशी को 30 मार्च को अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां आज इलाज के दौरान टीआई देवेंद्र चंद्रवंशी की मौत हो गई. अरविंदो अस्पताल के एमडी डॉ. विनोद भंडारी ने बताया कि देवेंद्र चंद्रवंशी की ड्यूटी के दौरान तबीयत खराब होने पर 30 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी.

डॉ. ने बताया कि 10 अप्रैल तक उनकी हालत में कोई सुधार नहीं आने पर डॉक्टरों की सलाह के उन्हें एक इंजेक्शन दिया गया था. जिसके बाद उनकी रिपोर्ट जांच के लिए भेजी गई, जोकि 13 और 15 अप्रैल को निगटिव आई. जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन उन्हें डिस्चार्ज करने की तैयारी कर रहा था. इस बीच कल रात 11:30 बजे अचानक देवेंद्र चंद्रवंशी की सांस तेज चलने लगी और हार्ट रेज तेज हो गई. जिसके बाद कार्डियक अरेस्ट हो गया. उनकी मौत पल्मोनरी एम्बोलिज्म से हुई है.


सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया का कहना है कि देवेंद्र चंद्रवंशी की दो कोरोना रिपोर्ट निगिटिव आने के बाद उन्हें अरविंदो हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया जाना था, लेकिन देर रात उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई, जड़िया ने बताया कि देवेंद्र चंद्रवंशी की मौत के साथ इंदौर में कुल 49 मौतें हो चुकी हैं. थाना प्रभारी की मौत पर डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि कोरोना से जंग लड़ते हुए थाना प्रभारी शहीद हुए हैं, उन्हें पुलिस विभाग श्रद्धांजलि देता है. आने वाले दिनों में उनके परिवार का पुलिस विभाग पूरी मदद करेगा, थाना प्रभारी की मौत बेहद दुखद है.

गोद में एक साल की बच्ची, साइकल से नासिक से आये एमपी – पति-पत्नी


मुलतापी समाचार

मध्‍यप्रदेश न्‍यूज

लॉकडाउन के दूसरे चरण में भी प्रवासी मजदूरों का पलायन थमा नहीं है। महाराष्ट्र के नागपुर और नासिक में काम करने वाले मध्य प्रदेश के कई मजदूर सड़क के रास्ते अपने घर लौट रहे हैं। इनमें से किसी के पास साइकल है तो कोई पैदल ही चल पड़ा।

3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद कई मजदूर परिवारों के सब्र का बांध टूट गया है। ऐसी ही एक फैमिली नासिक से 5 दिन पहले साइकिल के सहारे सतना के लिए निकली है। इन्हें उम्मीद है कि घर तक पहुंचने में 6 दिन और लगेंगे। इस दम्पती के साथ उनका सालभर का बच्चा भी है। अपने बच्चे को गोद में उठाए कभी पैदल..तो कभी साइकिल पर बैठी मिली महिला ने कहा, ‘क्या करती..ऐसे तो भूखों मर जाते?

सतना, मध्य प्रदेश. लॉक डाउन के कारण देशभर में हजारों गरीब मजदूर अपने घरों से दूर दूसरे राज्यों में फंसे हैं। गाड़ियां बंद होने और सीमाएं सील होने से वे अपने घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। लेकिन सैकड़ों मजदूर ऐसे भी हैं, जो पैदल ही अपने घरों की ओर निकल पड़े हैं। वे लगातार चल रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आज नहीं तो कल, वे अपने घर तक पहुंच ही जाएंगे। ऐसी ही एक मजदूरी फैमिली 5 दिन पहले महाराष्ट्र के नासिक से मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित अपने गांव के लिए निकली है। पति रुक-रुककर पत्नी को पीछे बैठाकर साइकिल खींचता है। पत्नी की गोद में सालभर का बच्चा है। दम्पती का सफर अभी आधा ही हुआ है। यानी गांव तक पहुंचने में अंदाजा 6 दिन और लगेंगे। ज्यों-ज्यों घर करीब आ रहा है, इस दम्पती के चेहरे की चमक बढ़ती जा रही है।

और हम क्या करते फिर… यह दम्पती नागपुर में मजदूरी करता था। काम बंद होने से रोटी की फिक्र होने लगी। कुछ दिन जैसे-तैसे चलता रहा, लेकिन फिर सब्र जवाब दे गया। इसके बाद इस फैमिली ने साइकिल से ही अपने घर निकलने की ठानी। महिला ने कहा कि वो लोग कब तक इंतजार करते..ऐसे तो भूखे ही मर जाते।

शिवराज ने कहा कि मजदूरों को खाते में 1000 रुपए डालेंगे.. इस बीच मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर मजदूर के खाते में 1000 रुपए डालेंगे, तो उन्हें खाने की दिक्कत न हो। वहीं, हर राज्य मजदूरों के लिए खाने और रुकने का इंतजाम भी कर रहे हैं, लेकिन मजदूर चिंतित हैं। बेकार बैठे मजदूरों को अब अपने घरों की चिंता सताने लगी है।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर ग्रामीणों को दी जा रही सेहत की समझाइस


मुलतापी समाचार

बैतूल।  भीमपुर ब्लाक में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा डोर टू डोर जाकर कोरोना वायरस से बचाव संबंधित जानकारी दी जा रही है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ पंकज बाथम ने बताया कि कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए पूरे ब्लॉक में 12 टीम बनाई है। टीम में सभी प्रशिक्षित कर्मचारी है। टीम द्वारा दामजीपूरा से लगी महाराष्ट्र बॉर्डर, देसली से लगी खंडवा बॉर्डर और पूरे ब्लॉक में कर्मचारी तैनात कर कार्य कराया जा रहा है। बाहर से आने वाले एवं ब्लाक के पाए जाने वाले मरीजों की तत्काल स्क्रीनिंग कर उपचार किया जा रहा है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमपुर के सेक्टर आदर्श धनोरा में वरिष्ठ एवं अनुभवी स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्रवण परते द्वारा सेक्टर स्तरीय टीम के साथ ग्राम आदर्श धनोरा, लक्कड़ जाम, हिड़ली, चिखली, माकड़ा, गुराडिया, बक्का, भाडरी में कोरोनावायरस महामारी से बचने के लिए ग्रामीणों को जरूरी समझाइश दी जा रही है। खंड चिकित्सा अधिकारी ने एमपीडब्ल्यू श्रवण परते को उप स्वास्थ्य केंद्र चिखली के साथ-साथ उप स्वास्थ्य केंद्र आदर्श धनोरा में आगामी आदेश तक कार्य करने के लिए निर्देशित किया है। श्री परते ने बताया स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीणों को कोरोनावायरस की जानकारी देते हुए इससे बचने के उपाय बताए जा रहे हैं। इस उपाय को ग्रामीणों के द्वारा अपनाया जा रहा है।

यह है उपाय स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्री परते ने बताया कि ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि सभी को अपने घरों में रहना है, एक दूसरे से 1 मीटर की दूरी बना कर रखना है, बार-बार हाथ साबुन से धोना है या सैनिटाइजर का उपयोग करना है, होम मेकर या अच्छे मास्क लगाना है, सर्दी खांसी बुखार आने पर ग्राम आरोग्य केंद्र पर तत्काल जांच करना है आदि उपाय बताए जा रहे हैं। माकिंग कार्य आजाद सिंह राजपूत द्वारा स्वास्थ्य टीम के साथ किया जा रहा है। सेक्टर स्तरीय दल में स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्रवण परते आदर्श धनोरा, श्रीमती पदमा बावसे एलएचवी, श्रीमती शकुन परिहार एएनएम धनोरा, श्रीमती सुखशांति उइके एएनएम, शकुंतला पांसे, मंजू बाला छवलिया, सहयोगी गंगा यादव आशा कार्यकर्ता माया वैश्य शामिल है।

देशभर में 3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन, यह रहेगी नई व्यवस्था PM MOdi


Live PM Modi Speech on Lockdown 2.0: केंद्र सरकार के इस ऐलान से पहले 10 राज्य अपने यहां लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर चुके हैं।

Live PM Modi Speech on Lockdown 2.0: कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन शुरू हो गया है। पीएम ने 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया है। हालांकि जहां नए हॉट स्पॉट नहीं बन रहे हैं और हालात काबू में हैं, वहां 20 अप्रैल से कुछ छूट दी जा सकती है, लेकिन यह सब कोरोना वायरस कितना कंट्रोल में है, इस पर निर्भर करेगा। इस बारे में बुधवार को विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। पीएम ने कहा, 3 मई तक हम सभी को, हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा। इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है, जैसे हम करते आ रहे हैं। मेरी सभी देशवासियों से प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। देखिए वीडियो और पढ़िए पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें –

Corona Bhopal News पैदा हुआ अजीब संकट, CORONA के आधे मरीज हेल्थ डिपार्टमेंट के, IAS अफसर भी चपेट में


मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अब तक कुल 142 लोग कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से आधे से ज्यादा स्वाथ्य विभाग के कर्मचारी हैं.

Multapi Samachar

नई दिल्ली: कोरोनावायरस (Coronavirus) यूं तो सारे देश में ही कहर मचा रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश में अलग तरह की परेशानी पैदा हो गई है. राजधानी भोपाल (Bhopal) में अब तक कुल 142 लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से आधे से ज्यादा स्वाथ्य विभाग के कर्मचारी हैं. इस बीच, रविवार को शहर में एक आईएएस अफसर और 12 साल की किशोरी सहित 9 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत यह अफसर 2013 बैच का आईएएस है. इसके अलावा कोरोना से एक मौत की पुष्टि भी हुई है.
भोपाल में रविवार को कोरोना पॉजिटिव मरीजों की लिस्ट में 9 और लोग जुड़ गए. शहर में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 133 से बढ़कर 142 हो गई है. इनमें स्वास्थ्य विभाग के 75 कर्मचारी शामिल हैं. उधर, इंदौर में भी दो लोगों की मौत हुई है. आठ नए मरीज भी मिले हैं. खरगोन में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
दैनिक भास्कर के मुताबिक भोपाल में शनिवार को 49 साल के इमरान खान की मौत हुई थी. रविवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इमरान को एक साल से मुंह का कैंसर भी था. वे घर पर ही रहते थे. यह पता नहीं चल पाया है कि उन्हें संक्रमण कैसे हुआ. उनके भाई राशिद ने बताया कि इमरान को हर 15 दिन में कीमोथैरेपी के लिए भर्ती किया जाता था. कीमो के बाद उन्हें उल्टी-दस्त और बुखार आ जाता था. शनिवार को अचानक तबीयत खराब होने पर एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. रविवार को ही इटारसी में 5 नए मरीज मिले हैं. उज्जैन में सात साल का एक बच्चा भी संक्रमित मिला है.

इधर, प्रदेश सरकार ने भोपाल, इंदौर और उज्जैन के बिगड़ते हालात को देखते हुए रविवार को कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों के 1200 सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे. सरकार ने दिल्ली से दवाएं भी मंगाई है. इसमें हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजीथ्रोमाइसिन टैबलेट भी शामिल हैं, जो गले में इंफेक्शन के दौरान दी जाती है.

कोराना कोविद 19- स्‍वास्‍थ्‍य विभाग बैतूल की हेल्‍थ बुुलेटि‍न (11 अप्रैैैल 2020) ग्राम रिधोरा के मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव


मुलताई समाचार

ग्राम रिधोरा के कोरोना संदिग्‍ध मरीज की रिपोर्ट आयी निगेटिव

बैतूल जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा कर रहा प्रशासन, नहीं मिल रही प्रशासन से जानकारी


बैतूल विधायक निलय डागा ने प्रशासन के कामकाज पर जताई कड़ी आपत्ति, कलेक्टर को लिखा पत्र

तूल। विधायक निलय डागा।

Multapi samachar. Betul News

बैतूल। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए की जा रही कवायद में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करने का आरोप प्रशासन पर लगाया जा रहा है। आलम यह है कि जनप्रतिनिधियों से प्रशासन कोई जानकारी तक साझा नहीं कर रहा है। प्रशासन की इस उपेक्षा को लेकर बैतूल विधायक निलय डागा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कलेक्टर राकेश सिंह को पत्र लिखा है।

श्री डागा ने पत्र के माध्यम से बताया है कि शासन प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम और बचाव के लिए जनहित में कौन-कौन से कार्य किए जा रहे हैं इसकी जानकारी जन प्रतिनिधियों को नहीं दी जा रही है। जन प्रतिनिधि होने के नाते संकट की इस घड़ी में शासन प्रशासन द्वारा की जा रही समस्त कार्यवाहियों की जानकारी जनहित में रखा जाना आवश्यक है। जिले में इस बीमारी को फैलने और आमजनों को इस महामारी से बचाने के लिए दलीय राजनीति से हटकर शासन प्रशासन द्वारा किये जाने वाले सभी शासकीय एवं अशासकीय कार्यों की जानकारी जन प्रतिनिधियों के संज्ञान में लाना चाहिए। इस महामारी से लोगों को बचाने के लिए आयोजित समस्त बैठकों में जन प्रतिनिधियों को बुलाया जाना चाहिए। जिससे वें शासन प्रशासन के निर्देशों को जन-जन तक पहुंचाने में सहभागी बन सकें।

विधायक श्री डागा ने कलेक्टर से पत्र लिखकर बनाए गए जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह के संबंध में भी जानकारी मांगी है। पत्र में कहा गया है कि इस समूह में किन-किन व्यक्तियों को सदस्य बनाया जाकर किन सदस्यों को बैठक में आमंत्रित किया गया। संकट प्रबंधन समूह में किन-किन सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ चिकित्सकों, उद्योगपतियों को शामिल किया गया है, इसकी जानकारी दी जाए। इसके अलावा कलेक्ट्रेट में आयोजित समूह की बैठक में आपदा से निपटने के लिए किन विषयों पर विचार किया गया और क्या निर्णय लिए गए हैं।

लोकडॉन की देहादि मजदूरों की हालत गम्भीर, पिता पानी पीकर रह जाता हूं पर बच्चों को कैसे समझाऊ


घरों से निकले लोग समस्या बताने होरी रही हालत गंभीर लोकडॉन

मुलतापी समाचार


बैतूल । बाप तो एक लोटा पानी पीकर अपने आप को समझा सकता है लेकिन मैं अपने बच्चों को कैसे समझाऊं यह बात पेशे से मजदूर पुलकराम बोहरे ने हमे बताई ।पुलक राम कहते है कि कल मैंने सीएम हैल्प लाइन पर अपनी व्यथा लिखाई की हमारी व्यवस्था जमा दो वँहा से दिन भर बोलते रहे कि व्यवस्था  नही की मजबूरी में बच्चों की खातिर बाहर निकला तो पुलिस मारती है लेकिन घर मे बच्चे भूखे रट है क्या करें ।पुलिस भी हमारी रक्षा के लिए लगी है उन्हें भी क्या बोले ।
इसी तरह मोहल्ले की ही कल्पना धधोरे कहती है ।पति राज मिस्त्री का काम करते है घर पर थोड़ा राशन था जिससे अभी तक काम चला अब गैस नही है और नाही साबुन सोडा तेल नमक ।काम नही होने होने से पैसे भी नही है खरीदे भी तो कैसे ।
घरों में बर्तन माँझकर अपना जीवन यापन करने वाली संगीता खातरकर के पास राशन कार्ड भी नही है और ना ही अपना घर,लॉक डाउन की वजह से घरों का काम छूट गया है ।जितने दिन का बजट था वह भी याब खत्म ही गया है ।कार्ड नही होने से राशन भी नही मिलने वाला लॉक डाउन बढ़ा तो मुसीबत भी बढ़ेगी ।
एक दो नही ऐसे सैकड़ो उदाहरण आज हमे उस वक्त देखने को मिले जब हम सैकड़ो दान दाताओं समाज सेवियों ओर जिला प्रशासन की तरफ से बंटने वाले भोजन और राशन की हकीकत जानने नगर के एक वार्ड सुभाष वार्ड में पहुंचे ।सुभाष वार्ड में ही एक वर्ग ऐसा भी है जिसे भरपूर राशन ओर दोनो टाइम का भोजन भी मिल रहा है लेकिन हमलापुर चौक के नज़दीक धोटे किराना के पीछे वाली गलियों में एक सैकड़ा से ज़्यादा गरीब मज़दूरों को आज तक कोई राहत नही मिली है ।वार्ड के युवा अमित सोनी के मुताबिक हमारे मोहल्ले में दो ढाई सौ मजदूर तबका रहता है ।शाशन प्रशासन से जो मदद के लिए आते है वह मुख्य मार्ग पर एक या दो लोगो को भोजन राशन बांट कर खाली फ़ोटोबाज़ी कर रहै है ।इस क्षेत्र में आज तक गरीबो की सुध लेने कोई नही आया ।वार्ड के ही शत्रुघन प्रषाद कहते है कि लॉक डाउन के दो हफ्ते पहले छत्तीसगढ़ के कुछ मजदूर काम लिए बैतूल आये थे दो हफ्ते काम किया जो मजदूरी मिली इन दिनों वह भी खत्म ही गई अब इन मजदूरों को परिवार पालना मुश्किल हो रहा है ।छत्तीसगढ़ जाने के लिए अनुमति भी नही है ।
इस वार्ड में ज़्यादातर ।मजदूर मजबूर होकर मन्दिर के पीछे पेड़ की छांव में रास्ता ताकते इस आस में बैठे रहते है कि शायद कोई उन्हें देख कर मदद के लिए आएगा ।

इनका कहना है
181 ओर 104 नम्बरो से मिलने वाली सूचना पर हम भोजन की व्यवस्था बना देते है ।इस तरह की जानकारी हमारे पास नही आई है ।फिर भी हम इन लोगो को जल्द ही मदद पंहुचाने की कोशिश करेंगे
 प्रियंका सिंह
सीएमओ नगरपालिका बैतूल ।

betul भैंसदेही में 54 घरों में 260 लोगों का किया स्वास्थ्य जांच, सामान्य सर्दी खांसी बुखार से पीड़ित 10 लोग


बुधवार को लिए गए 10 संदिग्धों के सैंपल, अब तक नहीं आई 52 सैंपलों की रिपोर्ट

मुलतापी समाचार

बैतूल। जिले के भैंसदेही में एक कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद कर्फ्यू लगाकर 3 किमी के क्षेत्र को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर हर घर में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। सीएमएचओ जीसी चौरसिया ने बुधवार 8 अप्रैल को जारी किए हेल्थ बुलेटिन में बताया कि भैंसदेही में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 54 घरों का भ्रमण कर 260 लोगों की स्क्रीनिंग की है। इसमें सामान्य सर्दी, खांसी और बुखार से 10 लोग पीड़ित पाए गए हैं। विभाग की टीमें लगातार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने में जुटी हुई हैं।

सीएमएचओ श्री चौरसिया ने बताया कि जिले में अब तक 9 मरीजों को आइसोलेशन में भर्ती किया गया है जबकि 2149 लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। हालांकि होम आइसोलेशन से अब तक 782 लोग डिस्चार्ज भी हो चुके हैं। अब तक जिले भर में 26078 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई है जिनमें सामान्य सर्दी, खांसी और बुखार के 2466 मरीज पाए गए हैं।