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गरीब वर्ग को एक माह का राशन नि:शुल्क देने के निर्देश


मुलतापी समाचार

भोपाल और जबलपुर जिले में गरीब वर्ग को एक माह का राशन निशुल्क देने के निर्देशभोपाल और जबलपुर जिले में गरीब वर्ग को एक माह का राशन निशुल्क देने के निर्देश

मध्‍यप्रदेश सरकार राशन वितरा नि:शुल्‍क करेंगी ताकी गरिब जनता परेशान न हो

कोरोना वायरस  से निपटने भोपाल-जबलपुर जिले में गरीब वर्ग को एक माह का राशन निशुल्क प्रदान किया जाएगा। यह राशन उचित मूल्य दुकानों से दिया जाएगा।कार्यवाहक मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज यह निर्देश जारी किए हैं।

प्रदेश में नागरिकों को कोरोना के प्रकोप से  राहत देने की मंशा से अनेक उपाय किए जा रहे हैं। इन उपायों में शहरों में शटडाउन किया जाना भी शामिल है। शटडाउन की स्थिति में गरीबों को राहत देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

जबलपुर : सारंग तोप का सफल परीक्षण, 36 किमी से ज्यादा दूरी तक मारक छमता


सारंग तोप

मंगलवार सुबह जबलपुर की फायरिंग रेंज में तोप का परीक्षण सफल रहा।

155 एमएम और 45 कैलिबर वाली गन की खासियत- इससे एक मिनट में तीन राउंड फायर किए जा सकते हैंइजराइल की सॉल्टम से भी बेहतर है सारंग तोप, 70डिग्री तक घूमकर वार कर सकती है

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जबलपुर. यहां कीखमरिया की फायरिंग रेंज में पहली बार तोप का परीक्षण किया गया। अलग-अलग एंगल से फायरिंग के बादजांच की गई।अब यह सारंग गन (तोप) सेना को सौंपी जाएगी। सारंग गन की क्षमता 36 किमी से ज्यादा है।परीक्षण में 4 फायर किए गए, जिसमें 15 डिग्री, फिर 0 डिग्री, फिर 15 डिग्री पर फायर हुए। यह तोपधनुष और बोफोर्स से भी ज्यादा घातक है।

सूत्रों की मानें तोइस तोप का निर्माण कानपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में किया गया है। इसको इजराइल की सॉल्टम गन से भी ज्यादा बेहतरबताया जा रहा है। यह नाटोकेमापदंडों के अनुरूप है। इसका परीक्षण पिछले 2सालों से सिक्किम की बेहद ऊंचाई वाले इलाकों के अलावा जैसलमेर के तपते रेगिस्तान में किया गया। इसके बाद मऊ में परीक्षण किया गया था। मंगलवार सुबह जबलपुर में परीक्षण हुआ।

ये है खासियत
155 एमएम और 45 कैलिबर वाली गन की खासियत यह है कि इससे एक मिनट में तीन राउंड फायर किए जा सकते हैं। इसके 130 एमएम से अपग्रेड किया जाएगा। यह तोप बिना रुके एक घंटे तक गोले दगाने की क्षमता रखती है। इसका वजन 8450 किलो है। इसके बैरल की लंबाई 7700 एमएम है। सारंग के जरिए 36 किमी की दूरी पर बैठे दुश्नम को चंद सेकेंड में नेस्तानाबूद किया जा सकता है। यह तोप 70 डिग्री तक घूमकर वार कर सकती है।

मप्र में कई स्थानों पर बेमौसम बारिश बैतूल, उमरिया, कटनी, सिवनी, दमोह, बालाघाट में जमकर बरसे ओले, फसलें चौपट


Rain in – Satpuda खेतों में खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही । सब्‍जी भाजी, पत्‍ता गोभी, टमाटर, चना, मटर जैसी फसले अधिक प्रभावित

मुलताई डहुआ। मुलताई तहसील के ग्राम डहुआ में किसान सुरेन्‍द्र पंवार के खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से ओलों की बारिश में चौपट हो गई।

बुधवार की देर रात मौसम का मिजाज बदला और तेज हवा के साथ ओलों की बारिश शुरू हो गई। करीब 30 मिनट तक आसमान से ओले बरसते रहे और उसके बाद तेज हवा के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह दुनावा मंडल के अंतर्गत आने वाले दो दर्जन से अधिक गांवों के खेतों में किसानों को बर्बादी बिखरी नजर आई। पेड़ पौधों की टहनियां जहां टूट गईं वहीं खेतों में लगी फसलें पूरी तरह से जमीन पर बिछ गईं। मुलताई तहसील के ग्राम डहुआ में किसान सुरेन्‍द्र पंवार के खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से ओलों की बारिश में चौपट हो गई एवं दुनावा क्षेत्र के ग्राम पारबिरोली में ओलों के कारण सबसे अधिक बर्बादी सामने आई है। गुरूवार की सुबह खेतों में लगी सब्जी और अन्य फसलें पूरी तरह से तबाह हो गईं थी। ग्राम पारबिरोली के किसान लक्ष्मण देशमुख ने बताया कि उनके 3 एकड़ खेत में गेहूं की फसल कल तक लहलहा रही थी लेकिन बुधवार की रात हुई ओलों की बारिश ने फसल को पूरी तरह से जमीन पर गिरा दिया है। जब वे अपनी पत्नी के साथ सुबह खेत पहुंचे तो फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछी हुई थी। इसके साथ ही अन्य किसानों के खेतों में भी फसलें इसी तरह बर्बाद मिलीं। दुनावा क्षेत्र के किसान वैसे ही मौसम की मार से तरह तरह की बीमारियों की चपेट में हैं। किसान अपने मक्के की फसल की भरपाई भी नहीं कर पाया था कि गेहूं की फसल बर्बाद होने से किसानों में बड़ी मायूसी छाई हुई है। दुनावा मंडल के ग्राम डहुआ, सिपावा, सोनेगांव, रिधोरा, डहुआ, मोरखा, सांवरी, खैरवानी, छिंदी, खड़कवार समेत अन्य गांवों में ओलावृष्टि से अधिक क्षति पहुंची है। ग्राम डहुआ के किसान सुरेन्‍द्र पवार, ढिमर बुआडे, हेमन्‍त बारंगे, दिनसु बारंगे, मनोज बारंगे एवं पारबिरोली के हेमू देशमुख, कालूराम, गोरेलाल, शिवराज, उदल, रघुनाथ, मुन्नाा, कलसिंग, प्यारे, सुखराम, मंगरया, मेंहग्या समेत अन्य किसानों के खेतों में फसल पूरी बर्बाद हो गई है। किसानों ने जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की गुहार लगाई है।

जबलपुर।  Rain in-Vindhya महाकोशल-विंध्य के जिलों में सर्दी के सितम के साथ बारिश-ओलों ने भी लोगों को हलाकान कर दिया। उमरिया, सिवनी, कटनी, दमोह, नरसिंहपुर, बालाघाट में बुधवार रात बारिश के साथ ही ओलावृष्टि ने फसलों को करीब-करीब चौपट ही कर दिया।

उमरिया के चंदिया में बुधवार रात 8 और फिर 12 बजे जमकर ओले गिरे। हालात यह रहे कि बड़े आकार के यह ओले लगभग 12 घंटे बाद घुल सके। सिवनी के करीब 100 से अधिक गांवों में भी खूब ओले गिरे, जिससे फसलों खासतौर से दलहनी फसलों व सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं बारिश से ठंड भी बढ़ गई है। शीतलहर ने भी लोगों को बेहाल कर रखा है।

खरीदी केंद्रों में पानी-पानी

अलग-अलग जिलों के खरीदी केंद्रों में बारिश से चारों तरफ पानी भर गया। जहां केंद्रों में किसानों की धान भीग कर गीली हो गई, वहीं अब बारिश के कारण कई जगहों पर खरीदी कार्य भी बंद कर दिया गया है।

अनूपपुर में दो दिनों में 161.3 मिमी बारिश

अनूपपुर में दो दिनों में 161.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश थमने तक जिले में कुल धान की खरीदी 1लाख 89 हजार 897 क्विंटल हो चुकी है। डिंडौरी में गुरुवार को भी दिनभर सुबह से रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही। दोपहर में कुछ देर के लिए धूम निकली, जिससे राहत मिली।

बालाघाट: ओलावृष्टि-बारिश के बीच भी खरीदी

पिछले 48 घंटे से जिले में लगातार बारिश हो रही है। इस बीच ओले भी जमकर गिरे। बावजूद इसके कुछ केंद्रों पर धान खरीदी के आंकड़े चौंका रहे हैं। बुधवार को बारिश के बीच बैहर, बिरसा, लांजी, कटंगी, परसवाड़ा समेत कुछ 40 से 50 केन्द्रों में 40 हजार क्विंटल करीब 1 लाख बोरो की खरीदी की जा चुकी है। गुरुवार को धनकोषा, बोथवा केन्द्र में 202 क्विंटल की खरीदी की जा चुकी है।

जिलों में न्यूनतम तापमान

डिंडौरी- 2.0

शहडोल- 3.5

रीवा- 3.8

अमरकंटक- 4.0

अनूपपुर- 6.0

सतना- 8.4

मनमोहन पंवार (संपादक)

9753903839