Tag Archives: पंवार समाज

डॉ अशोक बारंगा के प्रयास से बैतूल अस्पताल पुरस्कृत


इंफ्रास्ट्रक्चर और वेस्ट मैनेजमेंट में राज्य में तृतीय स्थान पर

पुरस्कार स्वरूप मिले 8 लाख रुपये,मुख्यमंत्री ने की प्रशंसा
बैतूल। डॉ अशोक बारंगा, सिविल सर्जन, बैतूल के अथक प्रयासों से बैतूल अस्पताल को इंफ्रास्ट्रक्चर और वेस्ट मैनेजमेंट के लिए पुरस्कृत किया गया है। राज्य भर के तमाम शासकीय अस्पतालों में बैतूल का शासकीय अस्पताल तृतीय स्थान पर रहा है। मुख्यमंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बैतूल अस्पताल की प्रशंसा की गई है।डॉ अशोक बारंगा के सार्थक,समाजोपयोगी और सकारात्मक प्रयासों के लिए
बैतूल अस्पताल को 8 लाख रुपये की सम्मानजनक पुरस्कार राशि से पुरस्कृत किया गया है। उल्लेखनीय है पूर्व में पिताश्री चंद्रशेखर बारंगा द्वारा शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया गया था अब बेटे डॉ अशोक बारंगा द्वारा स्वास्थय क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया जा रहा है। इस तरह पिता द्वारा स्थापित परंपरा को बेटे द्वारा जिया जा रहा है।
बैतूल के इस बेटे पर बैतूल को गर्व है। सुखवाड़ा आपके प्रयासों के लिए पुरस्कृत किये जाने पर बधाई प्रेषित करते हुए आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है और अपेक्षा करता है कि आपके मार्गदर्शन में बैतूल शीघ्र ही प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर बैतूल को पुनः गौरवान्वित होने का अवसर उपलब्ध कराएगा।
आपका “सुखवाड़ा” ई दैनिक और मासिक भारत।

वालीवाल खेलते देख बने राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी शैलेन्द्र बारंगे


फोटो : शैलेन्द्र बारंगे

राष्ट्रीय वालीवाल प्रतियोगिता में कर चुके हैं दो बार सहभागिता

नेट क्लियर कर यूजीसी स्केल पाने की राह की आसान, पीएससी क्लियर कर ,बने कालेज में क्रीड़ा अधिकारी

मुलतापी समाचार

बैतूल, पाथाखेड़ा। कब कोई किससे प्रेरित होकर जीवन में सफलता प्राप्त कर जाता है कहना मुश्किल है। ऐसे ही हैं श्री शैलेन्द्र बारंगे जिनकी कक्षा बारहवीं तक वॉलीबॉल क्लब में वॉलीबॉल खेलते देख खेल के प्रति रुचि जागृत हुई।

आपने 4 वर्ष तक नरसिंहपुर खेल छात्रावास में रहकर अभ्यास किया । फिजिकल एजुकेशन कॉलेज ग्वालियर से बीपीएड , एमपीएड किया। और वर्ष 2012 में नेट तथा वर्ष 2018 में एमपीपीएससी क्लियर कर बन गए कालेज में क्रीड़ा अधिकारी।

इसके पूर्व आप 2004 और 2006 में दो बार राष्ट्रीय स्तर वालीबाल प्रतियोगिता में सहभागिता कर चुके हैं।

आपने पटियाला से खेल में डिप्लोमा भी हासिल किया है तथा खेल मंत्रालय के स्पोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया गांधीनगर गुजरात में वालीवाल के कोच के रूप में सेवाएं भी दी हैं। वर्तमान में आप भैंसदेही कालेज में सेवारत हैं।

हमें श्री शैलेंद्र बारंगे की उपलब्धि पर गर्व है। समाज के युवा उनकी इस यात्रा से प्रेरित- प्रोत्साहित हो सके तो सुखवाड़ा का यह प्रयास सार्थक सिद्ध हो सकेगा।
स्रोत: श्री जगन्नाथ पाठेकर भैंसदेही, बैतूल।