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Betul जज के पूरे परिवार को खत्म करनेे की थी साजिस महिला मित्र, छह गिरफ्तार

महिला मित्र ने लियेे रूपयों का मामला सामने आया

तांत्रिक बाबा द्वारा आटा अभिमंत्रित कर

जज और उनके बेटे की हत्या में महिला समेत छह गिरफ्तार – तांत्रिक से अभिमंत्रित कराने आटा मांगा और मिला दिया जहर।

Multapi Samachar

Betul News : बैतूल। बैतूल में पदस्थ रहे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) महेन्द्र कुमार त्रिपाठी और उनके पुत्र अभिनयराज की मौत का मामला हत्या में बदल गया है। जज की महिला मित्र उनके पूरे परिवार को मौत के घाट उतारना चाहती थी, लेकिन छोटा बेटा आशीषराज त्रिपाठी और पत्नी बच गए। पुलिस ने बुधवार को पूरे मामले का राजफाश कर दिवंगत एडीजे की महिला मित्र और वारदात में मददगार बने उसके पांच साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बैतूल की पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने बताया रीवा जिले की मूल निवासी छिंदवाड़ा में रह रही एनजीओ संचालिका संध्या सिंह से एडीजे त्रिपाठी के 10 वर्ष से संबंध थे और उसका उनके घर भी आना-जाना था।कुछ दिनों से एडीजे परिवार को अधिक समय दे रहे थे, जिससे संध्या स्वयं को अकेला महसूस करने लगी।

कुछ लेनदेन को लेकर भी दोनों के बीच कटुता बढ़ गई थी। इससे नाराज होकर 44 संध्या ने एडीजे और उनके परिवार को खत्म करने की साजिश रची।

इस तरह दिया झांसा

संध्या ने एडीजे को घर-परिवार में कलह खत्म करने और समृद्धि लाने का झांसा दिया और एक तांत्रिक द्वारा आटा अभिमंत्रित कर देने की बात बताई।

इसके लिए एडीजे राजी हो गए और घर से करीब आधा किलो आटा लेकर संध्या के घर 18 जुलाई को छिंदवाड़ा गए। दो दिन बाद 20 जुलाई को संध्या स्वयं कार से बैतूल आईं और सर्किट हाउस के पास एडीजे को आटा देकर उनके घर में रखे आटे में मिलाकर उसकी रोटियां खाने की सलाह दी।

इस पर त्रिपाठी ने घर में रखे आटे में उसे मिला दिया और उससे बनी रोटियां खाने के बाद उनकी और दोनों बेटों की हालत बिगड़ गई। 21 जुलाई से 23 जुलाई तक वे घर में ही उपचार कराते रहे, लेकिन जब स्थिति गंभीर हुई तो देर शाम एडीजे और उनके बड़े बेटे को पाढर के स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया।

25 जुलाई को हालत बिगड़ने पर पिता-पुत्र को नागपुर अस्पताल रेफर किया, जहां दोनों की मौत हो गई। इन्हें किया गिरफ्तार पुलिस ने त्रिपाठी व बेटे की हत्या के आरोप में संध्या पति संतोष सिंह, उसके ड्राइवर संजूू, सहयोगी देवीलाल चंद्रवंशी, मुबीन खान, कमल और बाबा उर्फ रामदयाल सभी निवासी छिंदवाड़ा को गिरफ्तार किया है।

MP Betul के जज की मौत का बडा खुलासा: फूड पॉइजनिंग से नहीं, जहर से हुई मौत, जादू टोना की बात सामने आने पर आटा देने वाली महिला को रीवा से किया अरेस्ट

बैतूल एडीजे की मौत फूड पॉइजनिंग से नहीं, जहर से हुई; तंत्र-मंत्र की बात सामने आने पर आटा देने वाली महिला को रीवा से किया अरेस्ट

मुलतापी समाचार

बैतूल अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेंद्र त्रिपाठी (नीली टी शर्ट में) अपने परिवार के साथ। त्रिपाठी के परिवार में दो बेटे और दो बेटियां थीं।
  1. पुलिस ने महिला समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया, इस महिला ने ही जज को आटा दिया था, कहा था- इसे घर के आटे में मिला देना
  2. 20 जुलाई को एडीजे और उनके दो बेटों की खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ी थी, 25 जुलाई को एडीजे और बड़े बेटे की मौत हो गई थी

Betul MP मध्य प्रदेश के बैतूल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के एडीजे महेंद्र त्रिपाठी और उनके बेटे अभियान राज की मौत जहर से हुई है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हो गया है। ये पता नहीं चला है कि जहर कौन सा था? लेकिन, पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिसने भी आटे में जहर मिलाकर दिया, उसकी साजिश पूरे परिवार को खत्म करने की थी।

किस्मत से एडीजे की पत्नी ने उस दिन रोटी नहीं खाई और छोटे बेटे को दो रोटी खाने के बाद उल्टी हो गई इसलिए वे बच गए। 20 जुलाई को त्रिपाठी और उनके दो बेटों को फूड पॉइजनिंग की शिकायत होने पर बैतूल के अस्पताल में भर्ती कराया था।

रीवा की महिला से होगी पूछताछ
मामले में पूछताछ के लिए रीवा निवासी एक महिला को बैतूल लाया गया है। पुलिस ने 5 संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। इस महिला ने ही जज को आटानुमा कुछ दिया था और कहा था कि इसे घर के आटे में मिला देना। घटना के बाद से ही महिला का फोन बंद आ रहा था। 25 जुलाई को एडीजे त्रिपाठी और उनके बेटे की मौत हो गई थी। पुलिस ने अस्पताल में एडीजे के बयान लिए थे। उनसे किसी पर शक होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि आटे की जांच जरूर करा लेना।

महिला ने संकट टालने के लिए आटा दिया गया
शुरुआती जांच में सामने आया कि 19 जुलाई की दोपहर में एडीजी की संध्या नाम की महिला से मुलाकात हुई। उसी दौरान उन्हें आने वाले संकट को टालने के लिए आटा दिया गया था। 20 जुलाई को त्रिपाठी के घर में पत्नी को छोड़कर परिवार के बाकी सदस्यों ने इसी आटे से बनी रोटी खाई थी। छोटे बेटे को तत्काल उल्टी हो जाने से उस पर असर नहीं हुआ। इधर, 20 जुलाई के बाद से रीवा की मूल निवासी महिला का फोन बंद आ रहा था। 25 जुलाई को उसने जैसे ही फोन ऑन किया, पुलिस को उसकी लोकेशन रीवा में मिली। स्थानीय पुलिस की टीम ने देर रात महिला को ढूंढ़ निकाला।

महिला की कार से सामान निकालती बैतूल पुलिस। कार में तंत्र-मंत्र का सामान और इसी से जुड़ी हुईं किताबें बरामद हुई हैं।

महिला की कार में मिली तंत्र-मंत्र की किताबें और सामान
सूत्रों के मुताबिक, रीवा से महिला को देर रात कार समेत बैतूल लाया गया। कार में रखे बैग और अन्य सामान को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पर्स से पुलिस ने तंत्र-मंत्र की सामग्री भी जब्त की है। सूत्रों का कहना है कि परिवार के सदस्य अभी भी कुछ छिपा रहे हैं। घर में ऐसा क्या था कि एडीजे महिला के चक्कर में आ गए।

छोटे बेटे आशीष राज का कहना है कि संध्या सिंह नामक महिला ने पापा को आटा दिया था, जिसकी रोटी खाने के बाद उन तीनों की तबीयत बिगड़ी। संध्या सिंह पिछले 10 सालों से उनके पापा के संपर्क में थी। कई तरीकों से उनके परिवार को खत्म करने की पहले भी साजिश रच चुकी है। संध्या सिंह ने पापा से कहा था कि यह आटा अपने घर के आटे में मिला दीजिए। इससे सबका स्वास्थ्य अच्छा होगा और समृद्धि होगी।

अस्पताल से महिला को फोन लगा रहे थे एडीजे
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, एडीजे अस्पताल से महिला को बार-बार फोन लगा रहे थे। उससे वे पूछ रहे थे कि आखिर कौन-सी चीज खाने को दी है। उसका नाम बता दो, ताकि डॉक्टर उसका एंटीडाेज दे सकें। लेकिन, दूसरी ओर से महिला बार-बार उनका फोन काट दे रही थी।

जब महिला ने कुछ नहीं बताया तो उसके ड्राइवर को फोन लगाया
एडीजे तीन दिन बैतूल अस्पताल में भर्ती रहे। दो दिन तक वे फोन लगाकर महिला से आटे के बारे में पूछते रहे। जब महिला ने फोन उठाना बंद कर दिया तो उन्होंने उसके ड्राइवर को फोन लगाकर जानकारी लेनी चाही। सूत्रों का कहना है कि एडीजे ने ड्राइवर से यहां तक कहा था कि भगवान की खातिर उससे पूछकर बता दो कि आटे में क्या मिला है।

एडीजे से मिलने आती थी महिला
सूत्रों के अनुसार, एडीजे इस महिला से करीब 10 साल से ज्यादा समय से परिचित थे। दो साल उनके बैतूल में तैनाती के हो चुके थे। इस बीच, कई बार महिला मिलने आई। उसके बारे में कई बातें सामने आ रहीं है। कोई उसे सिंगरौली का तो कोई छिंदवाड़ा का रहने वाला बता रहा। ये भी कहा जा रहा है कि महिला का पति उससे अलग रहता है। महिला एनजीओ और कपड़े का व्यवसाय करती है। हालांकि, अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला किस तरह जज के संपर्क में आई थी।

एडीजे महेंद्र त्रिपाठी की मौत के मामले में पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर ऐसी कौन सी वजह थी कि महिला जज के पूरे परिवार को खत्म करना चाह रही थी।

बैतूल के वकीलों की चर्चा के अनुसार, एडीजे उन जजों से नाखुश थे, जो अन्य राज्य के निवासी हैं। बीते कुछ दिन से उनका आध्यात्म की तरफ ज्यादा झुकाव हो गया था। बातचीत भी वे आध्यात्म की ज्यादा करने लगे थे। एडीजे का बड़ा बेटा कुछ दिन पहले ही इंदौर से बैतूल आया था।

लेन-देन की जांच चल रही है
सूत्रों का कहना है कि एडीजे के खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर होने की बात सामने आई। महिला के खाते में भी काफी पैसा जमा हुआ है। इसकी जांच चल रही है। सूत्रों से ये भी पता चला है कि महिला की लाइफस्टाइल हाई सोसायटी जैसी है। आशंका जताई जा रही है कि इस मामले में कई बड़े लोगों का हाथ भी हो सकता है।

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