Tag Archives: बैतूल जिले की खबरें

कोरोना के 21 नए मरीज मिले, एक और मौत


हेल्‍थ बुलेटिन

कोरोना न्‍यूज

Multapi Samachar

 जिले में कोरोना संक्रमण से गुरुवार को एक और वृद्ध की मौत हो गई। अब तक 56 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है वहीं 2406 लोग संक्रमित हुए हैं। गुरुवार को 21 नए मरीज मिले हैं जिन्हें मिलाकर अब 293 एक्टिव मरीज हैं। एकीकृत रोग निगरानी परियोजना से प्राप्त जानकारी के अनुसार हथनापुर मुलताई निवासी 50 वर्षीय पुरुष, विवेकानंद वार्ड मुलताई निवासी 25 वर्षीय युवती, शास्त्री वार्ड मुलताई निवासी 58 वर्षीय महिला, जामू भीमपुर निवासी 52 वर्षीय महिला एवं 56 वर्षीय पुरूष, शाहपुर निवासी 47 वर्षीय महिला, 45 वर्षीय महिला, 30 वर्षीय युवक एवं 60 वर्षीय महिला, बरबटपुर शाहपुर निवासी 27 वर्षीय युवती, छुरी घोड़ाडोंगरी निवासी 43 वर्षीय महिला, 22 वर्षीय युवती एवं 21 वर्षीय युवती, सदर बाजार बैतूल निवासी 61 वर्षीय पुरुष, बगडोना घोड़ाोंगरी निवासी 38 वर्षीय पुरुष, चन्द्रशेखर वार्ड बैतूल निवासी 15 वर्षीय बालक, देशबंधु वार्ड टिकारी बैतूल निवासी 40 वर्षीय महिला, इन्दिरा वार्ड बैतूल निवासी 55 वर्षीय महिला, सूखाढ़ाना सलैया घोड़ाडोंगरी निवासी 64 वर्षीय पुरुष, चिरापाटला चिचोली निवासी 24 वर्षीय युवक, खंजनपुर बैतूल निवासी 28 वर्षीय युवक संक्रमित पाए गए हैं। इधर जिले के विभिन्ना कोविड सेंटरों में भर्ती 7 मरीजों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है।

कृषि विज्ञान केंद्र पर बकरियों की उन्नत नस्ल सिरोही होंगी उपलब्ध


बकरियों की उन्नत नस्ल की कृषि विज्ञान केन्द्र पर उपलब्धता

बैतूल,  

मुलतापी समाचार

कृषि विज्ञान केन्द्र में इन  दिनों बकरियों की उन्नत नस्ल ‘‘सिरोही’’ जिले में बकरियों की नस्ल सुधार कार्यक्रम हेतु लाई गई है। इस नस्ल की विशेषता यह है कि यह द्विउद्देश्यीय नस्ल है। इसकी नस्ल की  बकरियां 1-1.5 लीटर दूध प्रतिदिन तो देती ही है, साथ ही इसका वजन काफी होता है। अत: यह नस्ल दूध एवं मांस दोनों के लिए उपयोगी है। यह नस्ल राजस्थान सिरोही जिले की होने की वजह से यह नाम रखा गया है। यह नस्ल दिखने में काफी सुंदर होती है। मुख्यत: यह हिरण के समान चितकबरी होती है। दूसरा यह कि इस  नस्ल का एक वर्ष में ही 100 किलो से अधिक वजन का हो जाता है। इस नस्ल की बकरियां साल में दो से तीन बच्चें जनती हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक  डॉ विजय वर्मा ने बताया कि पूर्व में जिले के किसानों को इस नस्ल की बकरियों को लेने के लिए कीरतपुर जाना पड़ता था, लेकिन अब कृषि विज्ञान केन्द्र बैतूल में अगले वर्ष तक यहां के किसानों को उपलब्धता आरंभ हो जाएगी। साथ ही नस्ल सुधार हेतु जो किसान अपनी बकरियों को सिरोही नस्ल के बकरे से क्रास (प्रजनन) करवाना चाहते हैं, यह सुविधा भी केन्द्र आने वाले समय में आरंभ कर देगा।

कुएं में मिली अज्ञात व्यक्ति का शव – चिचोली


मुलतापी समाचार

चिचोली ।चिचोली मैं आज चिचोली बीजादेही रोड पर ग्राम हरदू के पास रोड से करीब 100 मीटर अंदर सरोज बाई इवने के खेत में बने कुएं में एक अज्ञात पुरुष आयु करीब 30- 35 वर्ष का शव पाया गया है बदन पर पीले रंग का शर्ट ,गहरे नीले रंग का फुल पैंट एवं पैंट के अंदर नीले रंग का हाफ पेंट एवं जांगिया पहने हुए हैं अन्य कोई वस्तु नहीं मिली है ।कृपया सभी लोग अपने-अपने थाना क्षेत्र में गुम इंसान से मिलान कर सूचित करें।

यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने हेतु बैतूल पुलिस द्वारा शॉर्ट फिल्म निर्माण देखे video


बैतूल पुलिस द्वारा जनहित में जारी

मुलतापी समाचार में आपका स्वागत है

बैतूल पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद के मार्ग-दर्शन व अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमति श्रद्धा जोशी के निर्देशन में महिला सेल प्रभारी डीएसपी संतोष पटेल, यातायात पुलिस व उनकी टीम द्वारा यातायात नियमो का पालन करने हेतु एक शार्ट फिल्म का निर्माण किया गया। इस फिल्म में बताया गया है कि, किस प्रकार आप यातायात नियमो का पालन करके अपना वाहन सावधानी पूर्वक चलाना चाहिये, ज्ञात है कि, पिछले कुछ दिनो से यातायात पुलिस बैतूल द्वारा शहर के विभिन्न मार्गो को नो-टोलरेन्स जोन बनाकर चलानी कार्यवाही की जा रही है।


यातायात के प्रति जागरूक करने के लिए बैतूल पुलिस द्वारा फिल्म का निर्माण।
मार्गदर्शन- पुलिस अधीक्षक बैतूल
गायक- सुमीर जैन, वर्षा सिंह, अखिलेश जैन, गीतांश, देवांश
फोटोग्राफी-कुलदीप भाटिया
विशेष सहयोग- यातायात पुलिस बैतूल
अवधारणा लेखन- संतोष कुमार पटेल

मनमोहन पंवार

प्रधान संपादक, मुलतापी समाचार

९७५३९०३८३९

बैतूल जिले के पंवारों का इतिहास


क्षत्र‍िय पवार समाज संगठन बैैैैैतूल द्वारा राजा भोज जयंती एंव बसंंत पंचमी का कार्यक्रम बैतूल में मनाया सभी सममान्‍नीय सामाजिक बंधु गंण उपस्‍थ‍ि‍त हुए

मनमोहन पंवार

मुलतापी समाचार

बैतूल जिले में भाट के मतानुसार पंवार समाज के पूर्वज लगभग विक्रय संवत 1141 में धारा नगरी धार से बैतूल आए थे। जिले में लगभग पंवारों के 200 गांव है। पंवारों की संख्या लाखों में है। बैतूल जिले के पंवार अग्निवंशी है, इनका गोत्र वशिष्ठ है, प्रशाखा प्रमर या प्रमार है। ये पूर्ण रूप से परमार (पंवार) राजपूत क्षत्रिय है। वेद में इन जातियों को राजन्य और मनोस्मृति में बाहुज, क्षत्रिय, राजपुत्र तथा राजपूत और ठाकुरों के नाम से संबोधित किया है। सभी लोग अपने भाट से अपने वास्तविक इतिहास की जानकारी अवश्य लें ताकि आने वाली पीढ़ी को भविष्य में यह पता रहे कि वे कौन से पंवार है उनका गोत्र क्या है? हमारे वंश के महापुरूष कौन है। जब मालवा धार से पंवार मुसलमानों से युद्ध करते हुए नर्मदा तट तक होशंगाबाद पहुंचे वहां उस समय कि परिस्थितियों के कारण सभी लोगों ने अपने जनेऊ उतारकार नर्मदा में डाल दिए थे।

भाट लोगों के अनुसार ये सभी परमार शाकाहारी थे, मांस मदिरे का सेवन नहीं करते थे। वेदिक सोलह संस्कारों को अपनाते थे किंतु समय और विषम परिस्थितियों के कारण सेना के इस समूह की टुकडिय़ां क्रमश: बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, भिलाई, दुर्ग तथा महाराष्ट्र के नागपुर, भंडारा गोंदिया, तुमसर, वर्धा, यवतमाल, अमरावती, बुलढाना आदि जिलों में जाकर बस गए। बैतूल और छिंदवाड़ा के पंवारों को उस समय यहां रहने वाली जातियों के लोगों ने अपनी बोली से भुईहर कहा जो अपभ्रंस होकर भोयर कहलाये। उस समय की भोगौलिक परिस्थिति तथा आर्थिक मजबूरियों के कारण ये समस्त पंवार अपने परिवार का पालन पोषण करने के चक्कर में अपने मूल रीति रिवाज और मूल संस्कार भूलते चले गए। सभी ओर क्षेत्रीय भाषा का प्रभाव बढ़ गया इसलिए इन सभी क्षेत्रों में वहां की स्थानीय भाषा का अंश पंवारों की भाषा में देखने आता है

किंतु आज भी पंवार समाज की मातृभाषा याने बोली में मालवी भाषा और राजस्थानी भाषा के अधिकांश शब्द मिलते है। सैकड़ों वर्षो के अंतराल के कारण लोगों ने जो लोकल टाइटल (पहचान) बना ली थी वो कालांतर में गोत्र के रूप में स्थापित हो गई। आज प्रचलित सरनेम को ही लोग अपना गोत्र मानते है जबकि गोत्र का अभिप्राय उत्पत्ति से है और सभी वर्ण के लोगों की उपत्ति किसी न किसी ऋषि के माध्यम से ही हुई है। हमें गर्व है कि हमारी उत्पत्ति अग्निकुंड से हुई है। और हमारे उत्पत्ति कर्ता ऋषियों में श्रेष्ठ महर्षि वशिष्ठ है, इसलिए हमारा गोत्र वशिष्ठ है।

बैतूल जिले के पंवार मूलत: कृषक है। अब युवा पीढ़ी के लोग उद्योग धंधे में तथा नौकरियों में आ रहे है। शिक्षा के अभाव के कारण यहां के पंवार समाज के अधिकांश लोग आर्थिक दृष्टि से पिछड़े हुए है। इस समाज में पहले महिलाएं शिक्षित नहीं थी किंतु अब महिला तथा पुरूष दोनों ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर उच्च पदों पर आसीन है। समाज के उच्च शिक्षित लोग सभी क्षेत्र में बड़े-बड़े महत्वपूर्ण पदों पर और विदेशों में भी समाज का गौरव बढ़ा रहे है। कृषक भी आधुनिक विकसित संसाधनों से उन्नत कृषि व्यवसाय में लगे हुए है।

बैतूल जिले के पंवारों के गांव की सूची

बैतूल क्षेत्र के गांव

1. बैतूल नगरीय क्षेत्र 2. बैतूलबाजार नगरीय क्षेत्र, 3. बडोरा 4. हमलापुर, 5. सोनाघाटी, 6. दनोरा, 7. भडूस, 8. परसोड़ा 9. ढोंडबाड़ा, डहरगांव, बाबर्ई, डोल, महदगांव, ऊंचागोहान, रातामाटी, खेड़ी सांवलीगढ़, सेलगांव, रोंढा, करजगांव, नयेगांव, सावंगा, कराड़ी, भोगीतेढ़ा, भवानीतेढ़ा, लोहारिया, सोहागपुर, बघोली, सापना, मलकापुर, बाजपुर, बुंडाला, खंडारा, बोड़ीबघवाड़, ठेसका, राठीपुर, खेड़ी भैंसदेही, शाहपुर, भौंरा, घोड़ाडोंगरी,सलैया, पाथाखेड़ा, शोभापुर, सारणी क्षेत्र, भारत भारती, जामठी, बगडोना, झगडिय़ा, कड़ाई, मंडई, गजपुर, बाजपुर, पतरापुर, सांपना, खेड़लाकिला, चिखल्या (रोंढा), कोरट, मौड़ी, कनाला, बयावाड़ी

https://www.facebook.com/Youth-PAWAR-in-MP-759383064192000

मुलताई क्षेत्र के गांव – मुलताई नगरीय क्षेत्र, थावर्या, कामथ, चंदोराखुर्द, करपा, परसठानी, देवरी, हरनया, मेलावाड़ी, बूकाखेड़ी, चौथिया, हरदौली, शेरगढ़, मालेगांव, कोल्हया, हथनापुर, सावंगा, डउआ, घाट बिरोली, बरखेड़, पिपरिया, डोब, सेमरिया, पांडरी सिलादेही, जाम, खेड़ी देवनाला, चिचंडा, निंबोरी चिल्हाटी, कुंडई, खंबारा, मल्हारा, कोंढर, जूनापानी, सेमझर, डहरगांव, चैनपुर, तुमड़ी, डोल, मल्हाराखापा, पिपरपानी, नीमदाना, व्हायानिडोरनी, छोटी अमरावती, छिंदखेड़ा, गाडरा, सोमगढ़, झिलपा, नंदबोही, दुनावा, दुनाई, गांगई, मूसाखापा, खल्ला, सोनेगांव, सिपावा, भैंसादंड, मलोलखापा, बालखापा, घाट पिपरिया, सरई, काठी, हरदौली, लालढाना, खामढाना, लीलाझर, बिसखान, मयावाड़ी, थारी, मुंडापार, चिखलीकला, कपासिया, लाखापुर, हिवरा, पारबिरोली, खैरवानी, सावंगी, लेंदागोंदी, मोरखा, तरूणाबुजुर्ग, डुडरिया, पिडरई, जौलखेड़ा, मोही, हेटीखापा, परमंडल, नगरकोट, दिवट्या, बुंडाला, हेटी, खतेड़ाकला, हरनाखेड़ी, अर्रा, बरई, जामुनझिरी, टेमझिरा, बाड़ेगांव, केकड्या, ऐनस, निर्गुण, सेमझिरा, पोहर, सांईखेड़ा, बोथया, ब्राम्हणवाड़ा, खेड़लीबाजार, बोरगांव, बाबरबोह, महतपुर, माथनी, छिंदी, खड़कवार, केहलपुर, तरोड़ा बुजुर्ग, सोड्ंया, रिधोरा, सोनोरी, सेमरया, जूनावानी, चिचंडा, हुमनपेट, बानूर, खेड़ी बुजुर्ग, उभारिया, खापा, नयेगांव, ससुंद्रा, पंखा, अंधारिया,

आमला नगरीय क्षेत्र – जंबाड़ा, बोडख़ी, नरेरा, छिपन्या, पिपरिया, महोली, उमरिया, सोनेगांव, बोरदेही, चिचोली, भैंसदेही, गुबरैल, डोलढाना आदि।

बैतूल जिले के वर्तमान में पंवारों के भिन्न-भिन्न सरनेम, उपनाम जिसे आज ये लोग गोत्र कहते है।

परिहार या पराड़कर, पठाड़े, बारंगे, बारंगा, बुआड़े, देशमुख, खपरिए, पिंजारे, गिरहारे, चौधरी, चिकाने, माटे, ढोंडी, गाडरी, कसारे, कसाई, कसलिकर, सरोदे, ढोले, ढोल्या, बिरगड़े, उकड़ले, रोलक्या, किरणकार, किनकर, किरंजकार, घाघरे, रबड़े, रबड्या, भोभाट, दुखी, बारबुहारे, मुनी, बरखेड्या, बागवान, देवासे, देवास्या, फरकाड्या, फरकाड़े, नाडि़तोड़, भादे, भाद्या, कड़वे, कड़वा, कोडले, रमधम, राऊत, रावत, करदात्या, करदाते, हजारे, हजारी, गाड़क्या, गाकरे, खरफुस्या, खौसी, खवसे, कौशिक, पाठेकर, पाठा, मानमोड्या, मानमोड़े, हिंगवे, हिंगवा, डालू, ढालू, डहारे, डोंगरदिए, डोंगरे, डिगरसे, गोहिते, ओमकार, उकार, टोपल्या, टोपले, गोंदर्या, धोट्या, धोटे, ठावरी, ठूसी, लबाड़, ढूंढाड्या, ढोबारे, गोर्या, गोरे, काटोले, काटवाले, आगरे, डोबले, कोलया, हरने, ढंडारे, ढबरे, तागड़ी, सेंड्या, खसखुसे, गढढे, वाद्यमारे, सबाई।

सिवनी, बालाघाट, गोंदिया, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ में प्रचलित सरनेम – अम्बूल्या, आमूले, कटरे, कटरा, कोलहया, गौतम, चौहान, चौधरी, चैतवार, ठाकुर, टेम्भरे, टेम्भरया, डाला, तुरूस, तुरकर, पटले, पटलया, परिहार, पारधी, कुंड, फरीद, बघेला, बिसन, बिसेन, बोपच्या, बोपचे, भगत, भैरव, भैरम, भोयर, ऐड़ा, रंजाहार, रंजहास, रंदीपा, रहमत, राणा, राना, राउत, राहंगडाले, रिमहाईस, शरणागत, सहारत, सहारे, सोनवान्या, सोनवाने, हनवत, हिरणखेड्या, छिरसागर।

लेखक शंकर पवार पत्रकार

पंवारों का मूल गौत्र तो वशिष्ठ ही है ऊपर दिए गए सभी सरनेम या उपनाम है।

उपरोक्त जानकारी प्रकाशन दिनांक तक प्राप्त ग्रामों के नाम तथा सरनेम इस लेख में दिए गए है।

मनमोहन पंवार, मुलतापी समाचार, प्रधान संपादक

Mo. 9753903839

सितंबर 2020 में पोषण माह के दौरान पूरे देश में पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


मुलतापी समाचार
घोड़ाडोंगरी – परियोजना के अंतर्गत जुवाड़ी सेक्टर की आंगनबाड़ी केंद्रों में भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं जिसमें स्थानीय सामग्री से निर्मित व्यंजनों की प्रदर्शनी,जिसमें भोजन विविधता ( अनाज,दालें,सब्जियां, मौसमी फ़ल,दूध या दूध से बने पदार्थ)नियमित भोजन में शामिल करने, पारंपरिक भोज्य पदार्थों से निर्मित व्यंजन शामिल करने हेतु जागरूकता, पूरक पोषण आहार का वितरण, गृह भेंट,
टीकाकरण, 0से5 वर्ष के बच्चों की वृध्दि निगरानी,
किशोरी बालिकाओं के BMI निकाल कर पोषण स्थिति की मॉनिटरिंग, एवं आवश्यकता अनुसार पोषण स्थिति में सुधार हेतु हितग्राहियों को समझाईश दी जा रही है I

जेईई एवं नीट परीक्षा में जिले से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने कराया पंजीयन


1350 विद्यार्थियों को अन्य स्थानों पर परीक्षा देने जाने के लिए प्रशासन द्वारा की गई परिवहन सुविधा

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जेईई एवं नीट परीक्षार्थियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई परिवहन सुविधा दिए जाने के अंतर्गत बैतूल जिले से सर्वाधिक लगभग 1800 परीक्षार्थियों ने पंजीयन कराया गया। निर्धारित पोर्टल पर पंजीयन के अतिरिक्त भी परीक्षा हेतु रवाना किए जाने के दिनांक को भी परीक्षार्थी उपस्थित होते रहे जिन्हें तत्काल रजिस्टर करवाते हुए परिवहन सुविधा अंतर्गत सम्मिलित किया गया। यही कारण रहा कि बैतूल जिले से प्रदेश में सर्वाधिक लगभग 1350 परीक्षार्थियों को जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में बनाई गई रणनीति के तहत विभिन्न वाहनों से परीक्षा शहरों के लिए रवाना किया गया। यही नहीं कर्नाटक स्थित परीक्षा केंद्र का चयन करने वाले परीक्षार्थी को उनके दो परिजन उनकी माताजी एवं भाई के साथ जाने की इच्छा प्रकट करने पर रेलवे के माध्यम से उन्हें रिजर्वेशन करा कर भेजा गया।मध्यप्रदेश शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई इस सुविधा का लाभ जिले के सुदूर सुदूरवर्ती क्षेत्रों के बच्चों द्वारा प्रमुखता से उठाया गया।

जेईई परीक्षा में भी प्रत्येक दिन, 31 अगस्त से 5 सितंबर तक बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को इस सुविधा का लाभ प्रदान किया गया। बैतूल जिले में ही 3 परीक्षा केंद्र होने के बावजूद बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के केंद्र बड़े शहरों में होने से उन्हें वहां भेजा गया। कलेक्टर श्री राकेश सिंह के उत्कृष्ट मार्गदर्शन में एक विस्तृत योजना बनाई जाकर सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी को नोडल अधिकारी का दायित्व सौंपा गया। कलेक्टर एवं सीईओ द्वारा इस कार्य के सुचारू क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों का एक कोर ग्रुप का गठन भी किया गया, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग, जिला परिवहन अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, उपसंचालक सामाजिक न्याय को सम्मिलित किया गया तथा योजनानुसार किए जा रहे कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा भी की गई।

जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती रंजना भदौरिया, अनुभाग अधिकारी बैतूल श्री आरआर पांडे द्वारा पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध कराए गए। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी द्वारा वाहनों में ईंधन की समुचित व्यवस्था करवाए जाने में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री एलएल सुनारिया ने जिला परियोजना समन्वयक श्री सुबोध शर्मा के साथ मिलकर प्रतिदिन की व्यवस्था के लिए योजना अनुसार कार्य किया गया। सर्व शिक्षा अभियान के अमले द्वारा मुस्तैदी से कार्य किया गया। लगभग 20 जन शिक्षक, अनेक शिक्षकों को निश्चित योजना के तहत कार्य आवंटित किए गए जिससे प्रत्येक परीक्षार्थी से बात की जाकर उनके जाने आने, साथ जाने वाले परिजन इत्यादि की जानकारी, परीक्षा शहर से वापस आने तक इस पर नजर रखी जाती रही।

11 सितंबर से युद्ध स्तर पर जारी इस प्रक्रिया का समापन 14 सितंबर प्रात: 7:00 बजे, परीक्षा केंद्र शहरों से परीक्षार्थियों के वापस लौटने तक निरंतर जारी रहा। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस कार्य के लिए, इस कार्य से संबंधित समस्त शिक्षकों जन शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों को अपने इस रचनात्मक जज्बे को बनाए रखने हेतु शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए प्रशंसा की गई। परीक्षार्थियों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधा के मूल स्वरूप में हितग्राहियों तक पहुंचा पाने में उच्च जिला प्रशासनिक अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन के साथ, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एलएल सुनारिया, डीपीसी श्री सुबोध शर्मा, उपसंचालक सामाजिक न्याय श्री संजीव श्रीवास्तव, प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय श्री राकेश दीक्षित, परीक्षा प्रभारी श्री मनोहर उघड़े के अतिरिक्त जन शिक्षक श्री संजीव धुर्वे, श्री ललित आजाद, बड़ी संख्या में सक्रिय शिक्षकों की रचनात्मक भूमिका रही।

कलेक्टर ने की अपील देखे Video


बैतूल कलेक्‍टर का संदेश

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माननीय प्रधानमंत्री जी दिनांक 12 सितंबर, 2020 दिन शनिवार को प्रातः 11:00 बजे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत प्रदेश में नव निर्मित 1.75 लाख आवासों का गृह प्रवेश कार्यक्रम ऑनलाइन करेंगे। माननीय मुख्यमंत्री जी भी इस अवसर पर ऑनलाइन उपस्थित रहेंगे। कलेक्टर श्री राकेश सिंह ने समस्त जिलेवासियों से अपील की है कि कृपया वे सभी https://pmevents.ncog.gov.in/ इस लिंक पर अपना पंजीयन आज ही करवाएं तथा पंजीयन उपरांत प्राप्त लिंक पर जाकर निर्धारित दिनांक को कार्यक्रम को लाइव देखें।

राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है सितंबर माह -पोषण गीत Video


पोषण पर चर्चा Awc. पोहर Sec. साईखेड़ा Icds मूलताई

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पोषण अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हेतु इस वर्ष भी सितम्बर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जन आंदोलन और जनभागीदारी से कुपोषण को मिटाना है। इस वर्ष पोषण माह 2020 दो मुख्य उद्देश्यों पर आधारित है- पहला उद्देश्य अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उनकी मॉनिटरिंग करना तथा दूसरा उद्देश्य किचन गार्डन को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण अभियान संचालित करना है।

पोषण पर चर्चा Awc. पोहर Sec. साईखेड़ा Icds मूलताई

जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बीएल विश्नोई ने पोषण माह के दौरान सघन अभियान संचालित कर बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए सभी महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कोरोना संक्रमण काल में बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग पर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने बच्चों को सूचीबद्ध करने, शारीरिक माप का रिकार्ड संधारण करने, गंभीर कुपोषित बच्चों का पोषण प्रबंधन तथा निगरानी एवं मूल्यांकन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

नशा कर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए


संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित

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सांसद श्री डीडी उइके की अध्यक्षता में बुधवार को संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में विधायक बैतूल श्री निलय डागा, कलेक्टर श्री राकेश सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्रद्धा जोशी सहित समिति सदस्यों ने भाग लिया.बैठक में नशा कर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए. साथ कहा गया कि जरूरत पड़ने पर ऐसे वाहन चालकों के ड्रायविंग लायसेंस भी निरस्त किए जाएं. बैठक में नेशनल हाईवे के पंखा जोड़ पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए एनएच के अधिकारियों को कहा गया. कलेक्टर ने कहा कि यहाँ दृश्यता स्पष्ट हो तथा तिराहे पर उचित संकेतक बोर्ड व प्रकाश के भी समुचित प्रबंध किए जाएं. नेशनल हाइवे पर बैतूल से शाहपुर के बीच पुल पुलियाओं व संकरे मार्ग पर समुचित रिफलेक्टर एवं संकेत बोर्ड लगाने के भी अधिकारियों को निर्देश दिये गये.

बैठक में सांसद श्री उइके ने कहा कि समूचे जिले में वाहनों की ओव्हर स्पीडिंग पर नियंत्रण किया जाए. वाहन चालक मोबाइल उपयोग करते हुए अथवा नशे की हालत में वाहन न चलाएं इस बात पर भी सघन निगरानी हो. इस दौरान विधायक श्री निलय डागा ने हाइवे पर सघन पेट्रोलिंग किए जाने एवं रांग साइड वाहनों का संचालन नहीं होने देने की बात कही .बैठक वाहनों खासतौर पर ट्रेक्टर ट्रालियों में रिफलेक्टर लगाने एवं ट्रालियों पर वाहन पंजीयन नंबर प्लेट लगाने के निर्देश दिये गये .सांसद श्री उइके ने बैतूल नगर के अंदर उचित यातायात संकेतक एवं चौराहों पर स्मार्ट एलईडी लाइट लगाने का सुझाव दिया.

उन्होंने विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने के भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए. ससुन्द्रा बेरियर, फोरलेन बायपास पर स्ट्रीट लाइट चालू करने के लिए भी सांसद द्वारा निर्देश दिये गये. इसके अलावा नगर में नियम विरुद्ध मोटरसाइकिल संचालन एवं तेज आवाज में हार्न बजाने वाले चालकों पर भी नियंत्रण करने के निर्देश दिये गये. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्रद्धा जोशी ने नगर पालिका के सहयोग से नगर में व्यवस्थित हाट बाजार लगवाने की बात कही. बैठक जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती रंजना सिंह कुशवाहा भी मौजूद थीं.