Tag Archives: भैंसदेही ब्लॉक

Betul : ठेके पर संचालित हो रही भैंसदेही ब्लॉक में मोहल्ला क्लॉस,एक हज़ार में आठ कक्षा के छात्रों को पढ़ा रहा युवक, शासकिय 5 शिक्षक होने पर भी नहीं जाते गांव में

बैतूल। हमारा घर हमारा विद्यालय अभियान की शुरुआत राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार 6 जुलाई से हुई है। कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले बच्चे कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद होने से घर पर रहकर ही पढ़ाई करेंगे। विभाग द्वारा केंद्रों तक पाठ्य पुस्तके,दक्षता उनयनन वर्क बुक बच्चों को वितरण कर दी गई है। हमारा घर हमारा विद्यालय अभियान के अंतर्गत राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा प्रति सप्ताह समय विभाग चक्र भेजा जा रहा है जिसके अनुसार शिक्षक पालको के सहयोग से प्रतिदिन सुबह 10 से 1 बजे एवं शाम 4 से 5 बजे महोल्ला क्लास में जाकर कक्षाओं का संचालन एवं गतिविधियों के माध्यम से अध्यापन कार्य करवाने है। लेकिन जिले के आदिवासी भैंसदेही ब्लाक के दादूढ़ाना गांव में संचालित प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों ने सरकार की मनसा पर पानी फेरते हुए एक शिक्षित बेरोजगार युवक को महज एक हज़ार रुपये महीने में आठ कक्षाओं की पढ़ाई करवाने का ठेका दे दिया है। युवक मनीराम धुर्वे ने बताया कि मैं पढ़ा लिखा हूँ और अभी बेरोजगार हूँ, शिक्षकों ने मुझे एक हज़ार रुपए महीने देने का कहा है। मैं गांव में सुबह 10 बजे से 1 बजे तक पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ता हूँ। स्कूल के शिक्षक आते नहीं है शिक्षिका उबनारे मैडम 16 जुलाई को आई थी और कुछ कागज़ी कार्यवाही कर और बच्चों से बात करके चली गई थी। इस मामले में सहायक आयुक्त शिल्पा जैन से चर्चा करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नही किया।


मॉनिटरिंग की खुली पोल

सरकार की मनसा थी कि बच्चो को प्रदाय वर्क बुक /रेड़ियो/ डिजिलेप व्हाट्सएप ग्रुप द्वारा भेजी गई थी जिससे पाठन सामग्री का उपयोग कर पढ़ाई का जो नुकसान हो रहा है उसे पूरा किया जायेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु शिक्षको व मैदानी अमले को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया हैं। जिले भर के बी आर सी सभी संकुल प्राचार्य, डिजिलेप प्रभारी एवं सभी बी ए सी व सी ए सी इसकी मॉनिटरिंग भी करेंगें जिससे पढ़ाई नही रुकेंगी। लेक़िन भैंसदेही ब्लॉक में विभाग की मॉनिटरिंग की पोल खुल गई है। साफ़ ज़ाहिर है कि पूरा कार्यक्रम घर से कागजों पर संचालित हो रहा है और घरों से ही मॉनिटरिंग हो रही है। जिसका उदाहरण दादू ढाना गांव में देखने को मिल रहा है जंहा पूरा जुलाई का महिना गुजर गया लेकिन ठेके पर चल रही यंहा की शिक्षा किसी भी जिम्मेदार को नही दिखाई दी।

इनका कहना है:-

उक्त प्रोग्राम बीआरसी देख रहें हैं वे ही इस मामले में कुछ बता पाएंगे,लेक़िन आपके द्वारा मामला बताया गया है। बीआरसी से जांच करवाई जाएगी।

जी सी सिंग
बीईओ,भैंसदेही

शिक्षकों को कोरोना का बचाव करते हुए स्कूलों में जाना है और बच्चों की पढ़ाई मोहल्ला क्लॉस के माध्यम से करवानी है। दादू ढाना में शिक्षकों द्वारा ठेके पर किसी को पढ़ाई करवाने रखा होगा तो यह गलत है,मामले की जांच मैं स्वयं गांव जाकर करूँगा एवं दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।

बी आर नरवरे
बी आर सी,भैंसदेही