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मध्य प्रदेश के अन्नदाता को एक रुपया मिला फसल बीमा का मुआवजा


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: मध्य प्रदेश के किसान वैसे भी काफी परेशान हैं अब उसे फसल के नुकसान की भरपाई के लिए उसे उम्मीद थी कि पुराने बीमे की रकम आएगी तो राहत मिलेगी, लेकिन कई जगह जब किसानों के अकाउंट में रकम आई तो उनके होश उड़ गए। किसी इलाके में किसान को ₹1 मिला तो किसी इलाके में 11 रूपए। इतना कम पैसा आने पर अन्नदाता आक्रोशित है। साथ ही कांग्रेस को बैठे-बिठाए एक मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस ने इसे लेकर विरोध तेज कर दिया है। कांग्रेस इस मुद्दे को जमीन पर उतारने की तैयारी कर रही है।

मध्य प्रदेश के 22 लाख अन्नदाताओं को शिवराज सिंह चौहान ने पिछले साल के नुकसान की बीमे की राशि उनके खाते में ट्रांसफर की। इस कार्यक्रम में उनके साथ उज्जैन में कृषि मंत्री कमल पटेल और वरिष्ठ अफसर भी मौजूद थे। लेकिन किसानों के अकाउंट में जब पैसा पहुंचा तो वह खुश होने के बजाय और नाराज हो गए। एक तरफ अतिवृष्टि से फसल बर्बाद ऊपर से बीमे की रकम के नाम पर 1 रुपए खाते में आया। बैतूल जिले में किसान के खाते में 92 रुपए आए।

कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि यह बीमा कंपनी की गलती है। समीक्षा बैठक में निर्देश जारी किए गए थे कि किसानों का कोई भी क्लेम 2 हजार रुपए से कम का नहीं बनेगा। अगर किसानों को 2-4 रुपए का बीमा आया है तो गलत है। इस पर जांच होगी।

अब जब कम से कम 2 हजार रुपए किसानों के खाते में डालने के निर्देश है तो एक रुपए से लेकर 100 रुपए तक की रकम कैसे पहुंची यह बड़ा सवाल है।

मुलतापी समाचार

कोरोनाकाल में राज्य शासन ने 17 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों और 99 उप पुलिस अधीक्षकों के तबादले किये


राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर और उपपुलिस अधीक्षक स्तर के एक सैकड़ा अधिकारियों के तबादले कर दिए गए है।

इन तबादलों का असर बैतूल जिले पर भी पड़ा है जहाँ देवनारायण यादव उपुअ जिला बैतूल से सहायक सेनानी हॉक फोर्स में पदस्थ किया गया है।

और संतोष कुमार पटेल उपुअ जिला बैतूल से सहायक सेनानी 13 वाहिनी, विसबल ग्वालियर में नवीन पदस्थापना की गई है।

और सुश्री सुरभि मीना उपुअ जिला रायसेन से उपपुलिस अधीक्षक महिला अपराध प्रकोष्ठ बैतूल में पदस्थ किया गया है।

राज्य शासन ने सोमवार रात 17 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों और 99 उप पुलिस अधीक्षकों के तबादले किये हैं।

भोपाल में 10 दिन का लॉक डाउन बड़ाा 24 जुलाई से


Lock Down in Bhopal

भोपाल। राजधानी में बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए 24 जुलाई से दस दिन का पूर्ण लाॅक डाउन लगाया जा रहा है। गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया कि रात आठ बजे से लॉक डाउन लागू कर दिया जाएगा।

कोरोना को लेकर हुई समीक्षा बैठक के बाद तय किया गया है कि भोपाल में 24 जुलाई से 10 दिनों के लिए पूरी तरह लॉक डाउन रहेगा। इस दौरान न तो कोई भोपाल में प्रवेश कर पाएगा और ना ही यहां से बाहर जा सकेगा। दवा, दूध, सब्जी और सरकारी राशन की दुकान खुली रहेंगी। आने-जाने के लिए पहले की तरह ही पास जारी होंगे।

नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सभी सरकारी राशन दुकान संचालकों को कहा गया है कि वे गरीबों को जुलाई माह का राशन दो दिन के भीतर वितरित कर दें। उद्योग और सरकारी दफ्तर खुलेंगे। सरकारी दफ्तरों में सिर्फ चुनिंदा स्टाफ को ही आने की अनुमति होगी।

आगामी मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही होगी। डॉ मिश्रा ने बताया कि रक्षाबंधन का त्यौहार आ रहा है ऐसे में बहनें त्योहार को दूरी से मनाने का मध्य मार्ग देखें। प्रदेश में कल 747 कोरोना पॉजिटिव प्रकरण सामने आए थे। वहीं, पांच सौ अस्सी स्वस्थ होकर घर लौटे स्वस्थ होने की दर 67 फीसद हुई है। वहीं, मृत्यु दर में भी सुधार हुआ है। यह अब 3.8 फीसद है। गृहमंत्री ने कहा सभी से आग्रह है कि सभी लोग 10 दिन का राशन लेकर रख लें।

उल्‍लेखनीय है कि राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण थम नहीं रहा है। बुधवार को भोपाल में 116 पॉजिटिव मरीजों के मिलने की पुष्टि हुई है। वहीं बुधवार को ही 54 मरीज कोरोना से ठीक होकर घर भी लौटे हैं।

इससे पहले पुराने शहर के प्रमुख बाजारों में बुधवार से पांच दिन तक (26 जुलाई) तक लॉकडाउन का निर्णय लिया गया था। बीते सात दिन में यहां 46 से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इस कारण जिला प्रशासन ने व्यापारी संघों के साथ बैठक लेकर कोतवाली, मंगलवार व हनुमानगढ़ थाना क्षेत्र के बाजारों में लॉकडाउन रखने का निर्णय लिया था। हालांकि, कई व्यापारिक संघ लॉकडाउन को लेकर गुस्से में थे। उनका कहना है कि कोरोना का संक्रमण राजधानी में सभी जगह है। ऐसे में सिर्फ पुराने शहर के बाजार बंद रखना उचित नहीं है। लॉकडाउन हो तो सभी बाजारों में लागू किया जाए।

कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की काउंसिलिंग होगी


काउंसिलिंग का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

बैतूल भोपाल–शासकीय शालाओं में कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा की काउंसिलिंग की जाकर उनकी रूचि और क्षमता के अनुरूप संकाय आवंटित किए जाएंगे। विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि एमपी कैरियर मित्र एप के माध्यम से जनवरी 2020 में शासकीय शालाओं में कक्षा 10 में अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं का अभिरुचि और अभिक्षमता परीक्षण किया गया था जिसके तहत 90 मिनट का टेस्ट बच्चों का लिया गया, जिससे छात्र-छात्राओं की रूचि और उनकी क्षमता का आंकलन किया जा सके। इसी क्रम में उत्तर वर्ती कार्यक्रम के रूप में मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा mpaspire.com पर शासकीय शालाओं में कक्षा नवी से 12वीं के समस्त छात्र छात्राओं का प्रोफाइल पंजीयन कराया जा रहा है। इस पोर्टल पर छात्र-छात्राओं को अपने कैरियर चुनने के लिए लगभग 550 कैरियर्स, लगभग 21000 कॉलेजेस में 262000 कोर्सेज, लगभग 1150 प्रवेश परीक्षाओं और इसी प्रकार हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण करने के पश्चात लगभग 1100 प्रकार की छात्रवृत्तिओं के बारे में एक ही प्लेटफार्म पर जानकारी उपलब्ध होती है।

जिले में 09 एवं 10 जुलाई 2020 को समस्त शासकीय हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्रत्येक शाला से प्राचार्य एवं दो शिक्षकों को इस संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह शिक्षक अपने विद्यालयों में काउंसलर्स का कार्य करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री राकेश सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी द्वारा छात्र छात्राओं को कैरियर के चुनाव में रुचि के साथ क्षमता का ध्यान रखे जाने एवं उन्हें उपलब्ध होने वाले अवसरों के बारे में विस्तार से अवगत करा पाने के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण के महत्व को समझने हेतु शिक्षकों और प्राचार्यों से उम्मीद जाहिर की। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रत्येक छात्र जो संकाय का चयन 11वीं कक्षा में करता है इसमें उसकी रूचि, क्षमता और उसकी वर्तमान परिस्थितियों, आर्थिक आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देशित किया कि प्रवेश के समय प्रत्येक बच्चे के साथ काउंसलिंग अनिवार्यत: संपादित की जाए। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक विकासखंड से 2-2 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में भोपाल से प्रशिक्षित किया जा चुका है। वर्तमान में दो दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्रत्येक शाला से 2 शिक्षक एवं प्राचार्य प्रशिक्षित किए गए हैं जिसका लाभ निश्चित रूप से छात्र-छात्राओं को कैरियर के चयन करने में होगा।

इस प्रशिक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी श्री एलएल सुनारिया द्वारा प्रवेश के समय से ही काउंसलर्स द्वारा बच्चे की प्रोफाइल बना लिए जाने, नियमित रूप से उनकी काउंसलिंग करते रहने का आग्रह शिक्षकों एवं प्राचार्य से किया गया। जिले के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान श्री संजीव श्रीवास्तव एवं डीपीसी श्री सुबोध शर्मा द्वारा विस्तार से एमपी कैरियर मित्र, एमपी एस्पायर पोर्टल, काउंसलर्स से अपेक्षाएं इत्यादि की बारीकियों के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण अंतर्गत जिले के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स श्री संजय व्यास एवं श्री विनोद पड़लक के साथ डीईओ कार्यालय से श्री विनोद लिखितकर द्वारा भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 जून तक बढ़ाया मध्यप्रदेश में लाकडाउन


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: मध्य प्रदेश में लॉक डाउन 15 जून तक बढ़ा दिया गया है इसका ऐलान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल में किया।

उन्होंने बताया प्रदेश में स्कूल कॉलेज खुलेंगे लेकिन कब खुलेंगे इसका ऐलान संभवत 13 जून के बाद किया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब राज्य में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 192 नये केस मिले हैं। इनको मिलाकर संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7645 पर पहुंच गई है। राज्य में अब तक कोरोनावायरस की वजह से 334 मरीज दम तोड़ चुके हैं। 4269 लोग ठीक भी हुए हैं।

मुलतापी समाचार

मध्यप्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लागू होगी पथ विक्रेता कल्याण योजनामनरेगा में व्यापक स्तर पर होंगे मंदिर सरोवर, उ़द्यान और गौशालाओं के कार्यआत्मनिर्भर म.प्र. के संकल्प के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहयोग देंगे – मुख्यमंत्री श्री चौहानमुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत सरकार द्वारा घोषित आर्थिक निर्भरता पैकेज का लाभ प्रदेश में सुनिश्चित करने के लिये तैयारियाँ तत्काल करने के निर्देश दिये हैं। मनरेगा, शहरी पथ विक्रेता और छोटे उद्योगों के लिये पैकेज में महत्वपूर्ण रियायतें और योजनाएँ घोषित की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत सरकार द्वारा शहरी पथ विक्रेताओं को ऋण और क्रियाशील पूँजी उपलब्ध करवाने की योजना में नगर निगम सीमा के पथ विक्रेताओं के साथ ही प्रदेश के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में कार्यरत पथ विक्रेताओं को लाभान्वित किया जाये। योजना में हितग्राही को ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये 10 हजार रुपये की पूँजी दी जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत सरकार के पैकेज के साथ ही राज्य स्तर पर विभागों की योजनाओं को इस तरह जमीन पर उतारा जाएगा जिससे निर्धन तबके को विशेष रूप से राहत मिले। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंगलवार को मंत्रालय भोपाल में मंत्रि-परिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारत सरकार द्वारा घोषित पैकेज ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ और ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ संदर्भ में चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि, प्रधानमंत्री श्री मोदी वैश्विक नेता हैं। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लिए पैकेज घोषित कर विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध ढंग से प्रावधान किये हैं। मध्यप्रदेश की स्थानीय परिस्थितियों की दृष्टि से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प है, जिससे उद्योग, रोजगार, ग्रामीण विकास, कृषि के क्षेत्रों में कार्यों से बड़े वर्ग को लाभ मिलेगा।बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रेजेंटेशन हुए। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्र, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल, खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण एवं सहकारिता मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत, आदिम जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह सहित मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस उपस्थित थे।हर जरूरतमंद को मिले काम, नये जॉब कार्ड भी बनायेंमुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में इस समय जरूरतमंद श्रमिकों को काम की आवश्यकता है, जिससे उनकी रोजी-रोटी का ठीक से प्रबंध हो सके। इस उद्देश्य से गौशाला निर्माण, मंदिर सरोवर, मंदिर उद्यान के अधिकाधिक कार्य मनरेगा के अन्तर्गत लिए जायें। मंदिर गौशाला के कार्यो को प्राथमिकता दी जाये। इसके लिए ग्रामीण विकास और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से कार्यवाही करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मनरेगा के अन्तर्गत ऐसी संरचनाएं निर्मित की जाएं जिनमें बारिश में भी कार्य संभव हो सकें। हर जरूरतमंद को कार्य मिले। इन कार्यों में मशीनों का प्रयोग न किया जाए। इसके साथ ही स्थायी प्रभाव वाले कार्य संम्पन्न हों। स्टाप डेम, चेक डेम, सरोवर निर्माण, खेत तालाब, मेढ़ बन्धान, नंदन फलोद्यान जैसे कार्य करवाये जायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि, स्थानीय श्रमिकों के साथ ही बाहर के श्रमिकों को भी जॉब कार्ड प्रदान किये जायें।मनरेगा बना मजदूरों का सहारापंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव ने प्रजेंटेशन में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 20 लाख से अधिक श्रमिकों को मनरेगा कार्यो से रोजगार का बड़ा सहारा मिल रहा है। यहां तक कि साढ़े सत्रह हजार दिव्यांग भी कार्यो से जुड़े हैं। प्रति ग्राम पंचायत औसतन 90 श्रमिक काम कर रहे हैं। प्रदेश में गत वर्ष मई माह में करीब 10 लाख श्रमिक ही मनरेगा कार्यों से जुड़े थे। इस वर्ष इनकी संख्या बढक़र 20 लाख अर्थात दोगुनी हो गई है।सभी निकायों में शहरी पथ विक्रेता लाभान्वित होंगे, दीनदयाल रसोई के संचालन पर ध्यान देंगेप्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग श्री नीतेश व्यास ने प्रजेंटेशन में शहरी पथ विक्रताओं की कल्याण योजना सहित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) के अन्तर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित करने, शहरी गरीबों को नि:शुल्क भोजन देने और मुख्यमंत्री जीवन शक्ति योजना की प्रगति की जानकारी दी।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दीनदयाल रसोई योजना की उपयोगिता को देखते हुये आज की परिस्थितियों में इसे पुन: सुचारू रूप से संचालित करने की आवश्यकता है। सोशल डिस्टेसिंग के पालन के साथ गरीबों को भोजन उपलब्ध कराने की इस अभिनव योजना को सामाजिक संस्था के सहयोग से पुराने स्वरूप में लौटाया जाये।छोटे, मध्यम उद्योगों को मिलेगी संजीवनी, 72 बड़ी इकाइयां दायरे में आ जायेंगीप्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने प्रजेंटेशन में बताया कि भारत सरकार ने इन उद्योगों की परिभाषा परिवर्तित की है। पूर्व में सूक्ष्म उद्योग के अन्तर्गत 25 लाख तक के निवेश वाले उद्योग शामिल थे जो अब 1 करोड़ रूपये तक निवेश में मान्य होंगे। इसी तरह लघु उद्योग में निवेश 5 करोड़ के स्थान पर 10 करोड़ और मध्यम उद्योग में 10 करोड़ के स्थान पर 20 करोड़ तक के निवेश को परिधि में लाया गया है। इससे अनेक उद्योगों को संजीवनी मिलेगी।एमएसएमई के वर्गीकरण में किये गये बदलाव के कारण राज्य की 72 वृहद औद्योगिक इकाइयां एमएसएमई श्रेणी में शामिल हो गई हैं। भारत सरकार के पैकेज में 3 लाख करोड़ रूपये के कोलेटरल मुक्त ऑटोमेटिक ऋणों की घोषणा की गई है। मध्यप्रदेश में एमएसएमई के अन्तर्गत 22 लाख से अधिक इकाइयां चल रहीं हैं जिन्हें घोषित पैकेज के अनुसार अतिरिक्त ऋृण प्रदान किये जाने के संबंध में अध्ययन किया जा रहा है। बीमार इकाइयों को लाभांवित करने पर भी विचार किया जायेगा। ई-बाजार के अन्तर्गत एमएसएमई के लिये घोषित पैकेज में बढ़ावा देने का निर्णय हुआ है। भावी खरीददारों के लिये सैम्पलिंग के अतिरिक्त्भार और अतिरिक्त नमूने तैयार करने के संबंध में नियमों में संशोधन पर भी विचार किया जा रहा है। एमएसएमई सेक्टर में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत व्यापार को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिये 100 से कम कर्मचारियों वाले उद्योगों में और जहां 90 प्रतिशत कर्मचारियों को मासिक 15 हजार रूपये से कम का भुगतान होता है, उनके ईपीएफ के तहत घोषित राहत में 3 माह की अवधि (मई 2020 तक) के लिये प्रावधान किया गया था। अब इसे अगले 3 माह बढ़ाकर अगस्त 2020 तक के लिये लागू करने की कार्यवाही चल रही है। मध्यप्रदेश में 81 हजार पंजीकृत कर्मचारियों को 12 करोड़ का लाभ मिला है। मुद्रा योजना में ब्याज अनुदान और शिशु ऋण प्रकरणों के संबंध में कार्यवाही की जा रही है।


प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल

अब घर बैठे ही दर्ज कर सकते हैं एफ आईआर


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: मध्यप्रदेश में रहने वाले लोगों को अब पुलिस थानों में जाकर एफआईआर दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होगी। एमपी पुलिस ने अब एफआईआर दर्ज कराने के लिए एक नई योजना शुरू की है। आपको अब सिर्फ एक फोन कॉल करना होगा, इसके बाद पुलिस न केवल आपके घर आकर आपकी समस्या सुनेगी, बल्कि आपकी शिकायत भी दर्ज करेगी। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस एफ आई आर की कॉपी भी आपके घर पहुंचा कर जाएगी। मध्य प्रदेश पुलिस ने “डायल 100- FIR आपके द्वार” नाम से एक योजना शुरू की है।

इस योजना के तहत अपनी शिकायत को दर्ज कराने के लिए शिकायतकर्ता को सिर्फ 100 नंबर डायल करना होगा। यह नंबर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देनी है। पुलिस कंट्रोल रूम आपके काल से संबंधित सूचना तत्काल संबंधित पुलिस स्टेशन को देगा। वहीं पुलिस स्टेशन में ड्यूटी ऑफिसर के पद पर तैनात अधिकारी तत्काल आपके काल के लिए एक पुलिस अधिकारी को तैनात कर देंगे। एफआईआर दर्ज होने के बाद वह आपको एफआईआर की कॉपी भी मुहैया कराएगा।

मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार फिलहाल इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत, मध्य प्रदेश के जोन मुख्यालय से दो पुलिस स्टेशन का चयन किया गया है। इनमें एक पुलिस स्टेशन शहरी इलाके का है, वही दूसरा पुलिस स्टेशन ग्रामीण इलाके का है। इस योजना के तहत जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें लैपटॉप सहित दूसरे जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।

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श्रम सुधारों पर बड़ा एलान की संभावना CM शिवराज, 72 घंटे ओवरटाइम की मिल सकती है मंजूरी


छोटे-मोटे दुकानदारों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार दुकानें खोलने की समय सीमा को भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है.

भोपाल.  कोरोना आपदा के बाद आर्थिक स्थिति को सुधारने और रोजगार की चुनौती से निपटने के लिए मध्य प्रदेश सरकार कुछ बड़े कदम उठाने जा रही है. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान श्रम सुधारों को लेकर बड़ा एलान कर सकते हैं. इसके तहत वह प्रदेश में श्रम सुधार का एक नया मॉडल जल्द लॉन्च हो सकता है. इसमें कारोबारी और उद्योगपतियों को सहूलियत देने के साथ-साथ श्रमिकों को रोजगार देने के लिए 1000 दिन की कार्ययोजना तक शामिल की गई है. नई योजना के तहत सरकार कारखानों में कम से कम इन्वेस्टमेंट करते हुए ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्शन करने की योजना तैयार कर रही है.

सभी कारखानों में जो श्रमिक हैं उनकी शिफ्ट बढ़ाने और सप्ताह में 72 घंटे तक के ओवरटाइम देने की मंजूरी मालिकों को दी जा सकती है. हालांकि इसके एवज में फैक्ट्री मालिक को कर्मचारियों को ओवरटाइम के हिसाब से भुगतान भी करना होगा. छोटे-मोटे दुकानदारों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार दुकानें खोलने की समय सीमा को भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है. यह माना जा रहा है कि प्रदेश में अब दुकानें खोलने का अधिकतम समय रात 12:00 बजे किया जा सकता है. इसके अलावा भी कई और सहूलियत हैं जो श्रम कानूनों के तहत मिलने जा रही है.

-श्रम सुधार को लेकर होगा मध्य प्रदेश का नया मॉडल लॉन्च.

-रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने 1000 दिन की कार्ययोजना होगी तैयार.

-कोविड-19 महामारी के दौरान कारखानों में न्यूनतम नियोजन करते हुए अधिकतम उत्पादन करने की योजना की हो सकती है घोषणा.

-सभी कारखानों में श्रमिकों की शिफ्ट बढ़ाने और सप्ताह में 72 घंटे तक के ओवरटाइम की अनुमति दे सकती है सरकार.

-कारखाना अधिनियम में 120 धाराओं में से लगभग 90 धाराओं में छूट प्रदान की जा सकती है.

-कारखानों को वर्तमान में दो रिटर्न के स्थान पर एक रिटर्न की व्यवस्था भी हो सकती है.

-कारखानों के नक्शा अनुमोदन, पंजीयन, लाइसेंस के नवीनीकरण समेत कई व्यवस्थाओं को 1 दिन में जारी करने की घोषणा भी हो सकती है.

-मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960 को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की जा सकती है.

-मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 के अंतर्गत दुकान खुलने एवं बंद करने के समय में भी बदलाव हो सकता है.

-रात 12 बजे तक दुकानें खोलने को मिल सकती है मंजूरी.

-मध्य प्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982  के कुछ प्रावधानों में मिल सकती है छूट.

-सरकार ने अनावश्यक निरिक्षणों में भी छूट के प्रावधान तैयार किए हैं.

-श्रम कानूनों एवं कारखानों से जुड़ी लगभग 20 सेवाओं को लोक सेवाओं से जोड़ कर एक दिन में अनुमति प्रदान करने की भी सुविधाएं दी जा सकती है.

मध्य प्रदेश: सेना के हेलीकॉप्टर से भोपाल के अस्पतालों पर पुष्प वर्षा


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: कोरोना के खिलाफ जारी अभियान मैं योद्धाओं का सम्मान और उन्हें प्रोत्साहित करने के मकसद से वायु सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए अस्पतालों पर पुष्प वर्षा की जा रही है! मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने अस्पतालों पर पुष्प वर्षा की!

राजधानी का आसमान रविवार को वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों की गर्जना से गुंजायमान हो उठा! शहर के अलग-अलग हिस्सों के अस्पतालों पर हेलीकॉप्टर ने पुष्प वर्षा कर कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया और साथ ही उनका उत्साह बढ़ाया!

वही भोपाल के बड़े तालाब पर वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अपने कौशल का प्रदर्शन भी किया! राजधानी के एम्स और चिरायु अस्पताल के ऊपर वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने पुष्प वर्षा की! अस्पतालों के चिकित्सक और मरीज दोनों ही इस नजारे के गवाह बने!

मुलतापी समाचार

एमपी के हर जिले में बनेगी कोरोना रोकथाम की रणनीति


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: प्रदेश में बढ़ते कोरोना के प्रकोप को देखते हुए शिवराज सरकार ने जिलेवार रणनीति बनाने का फैसला लिया है! मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना पर नियंत्रण की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की! उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है! नए प्रकरणों में निरंतर कमी आ रही है! कोरोना संकट को शीघ्र समाप्त करने के लिए अब हर शहर व जिले की परिस्थिति को देखते हुए रणनीति बनाई जा रही है!

अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि 28 अप्रैल की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 3942 सैंपल में से 223 ही positive आए! भोपाल की स्थिति में भी सुधार हुआ है ! यहां की 2030 सैंपल में से 30 positive आए हैं ! इसी प्रकार उज्जैन और जबलपुर की स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार है! उज्जैन के 225 में से चार पॉजिटिव व जबलपुर के 222 सैंपल में से एक पाजीटेब आया है! ग्वालियर के 225 टेस्ट में से कोई भी पॉजिटिव नहीं आया है!

बैठक में सीएम को जानकारी दी गई कि प्रदेश में कोरोना से बचाव एवं इलाज के लिए पर्याप्त चिकित्सा सामग्री एवं उत्कृष्ट उपचार की सुविधा उपलब्ध है! हमारे पास पर्याप्त टेस्टिंग kits, पीपीई किड्स, एवं मास्क उपलब्ध है ! मंगलवार से अरविंदो हॉस्पिटल में और आरडी गार्डी अस्पताल में टेस्टिंग चालू हो गई है ! रोजाना लगभग 2,000 टेस्ट किए जा रहे हैं!

मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल