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मध्‍यप्रदेश Lalji Tandon in Memories : सत्ता परिवर्तन के बावजूद बेदाग रही लालजी टंडन की छवि


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Lalji Tandon in Memories : राज्यपाल लालजी टंडन ने जनता के लिए खोल दिए थे राजभवन के दरवाजे, लोकतंत्र के चारों स्तंभ से शुरू किया खुला संवाद।

Lalji Tandon in Memories : भोपाल, नवदुनिया। मध्य प्रदेश की स्थापना के बाद यहां की विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया और सामान्य नागरिक 28 राज्यपालों की कार्यशैली देख चुके हैं, सभी की अपनी-अपनी खूबियां रहीं। लेकिन लाल जी टंडन ने मात्र 11 महीने के कार्यकाल में ही राजभवन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। उनके लंबे सियासी अनुभव, स्वभाव की सरलता और कामकाज की पारदर्शिता ने सभी को प्रभावित किया। यही वजह रही कि मध्य प्रदेश में सियासी संग्राम के बाद, 22 विधायकों का इस्तीफा और कमल नाथ सरकार का पतन भी हुआ लेकिन राज्यपाल के रूप में टंडन की भूमिका बेदाग और निर्विवाद बनी रही।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से उनके दशकों पुराने रिश्ते हैं लेकिन सरकार गिरने के बाद भी दोनों के संबंधों में कोई अंतर नहीं आया। कमल नाथ सहित अन्य नेताओं ने उनकी कार्यशैली की कई अवसर पर तारीफ भी की। मध्य प्रदेश में हुए सत्ता पलट और सियासी उथल-पुथल के दौरान इस संवेदनशील मामले में भी उन्होंने पूरी पारदर्शिता रखी। संविधान और विधि विशेषज्ञों की राय के साथ अपने लंबे अनुभव के आधार पर न्याय संगत फैसले लिए। राज्यपाल की कुर्सी संभालते ही टंडन ने कमल नाथ सरकार के साथ रिश्तों को गरिमामय ऊंचाइयां देते हुए नई ऊर्जा का अहसास करा दिया। इतना ही नहीं तकरार के मुद्दों को भी पूरी गंभीरता से ‘डील’ कर उनका न सिर्फ सुखांत किया और नया मैसेज भी दे दिया। यह कहने से भी नहीं चूके कि ‘मैं कोई रबर स्टैंप नहीं, वीटो पॉवर भी मेरे पास है।’

https://multapisamachar.com/2020/07/21/mp-governor-lal-g-tandon-dies-in-lucknow-three-days-state-mourning-in-uttar-pradesh/

फैसलों पर नहीं उठी उंगली

उनके कामकाज पर उम्र का असर कभी नजर नहीं आया, जब सियासी संग्राम जोरों पर था तब राजभवन में रतजगा की स्थिति बनी रही। भोर होने तक सचिवालय में विधि विशेषज्ञों और अधिकारियों से राय मशविरा कर उन्होंने फैसले लिए। देश में ऐसे सत्ता परिवर्तन कई राज्यों में हुए लेकिन अमूमन राज्यपाल की भूमिका को लेकर खूब सवाल उठे और आरोप भी लगे लेकिन टंडन की कार्यशैली इसका अपवाद रही। उनके निर्णयों पर कोई उंगली नहीं उठा सका। सही मायने में उन्होंने अपनी संविधान संरक्षक की भूमिका को सर्वोपरि रखा। नियम-परंपराओं पर जोर नवदुनिया से हुई विशेष बातचीत में भी राज्यपाल टंडन ने इस बात पर जोर दिया था कि नियमों और परंपराओं का पालन होना चाहिए। प्रदेश में सियासी उथल-पुथल जब चरम पर थी, संख्या बल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने दावे-प्रतिदावे थे ऐसे नाजुक समय में भी उन्होंने सरकार के आमंत्रण पर विधानसभा जाकर अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान भी वह पक्ष-विपक्ष को संविधान और नियम-परंपराओं के पालन की नसीहत देना भी नहीं भूले।

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Unlock 1.0: जानिए अपने हर सवाल का जवाब, क्‍या क्‍या खुलेंगे और क्‍या बंद रहेंगा?


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Unlock 1.0: कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने Lockdown 5.0 के स्थान पर Unlock 1.0 का ऐलान कर दिया है। यानी केंद्र सरकार ने अब छूट देने का प्लान बना लिया है। Unlock 1.0 के तहत 8 जून से इस सुविधाओं की छूट दे दी गई है। हालांकि राज्यों को भी अधिकार दिए गए हैं कि वे अपने यहां के हालात देखते हुए फैसले से सके। वहीं जो शहर कोरोना संक्रमण के लिए हॉटस्पॉट बने हुए हैं, वहां Lockdown 4.0 की पाबंदियां लाग रहेंगी। यहां जानिए Unlock 1.0 की व्यवस्था से जुड़े अपने हर सवाल का जवाब-

Lockdown 5.0 का इंतजार था, ये Unlock 1.0 क्या है?

यह बात सही है कि पूरे देश मानकर चल रहा था कि सरकार अब Lockdown 5.0 जारी करेगी, लेकिन गाइडलाइन में Lockdown 5.0 का कहीं जिक्र नहीं है। सरकार ने इसे Unlock 1.0 नाम दिया है यानी सरकार अब छूट देने जा रही है। Unlock 1.0 के कई चरण होंगे। पहला चरण 8 जून से लगने जा रहा है।

8 जून से क्या-क्या खुल जाएगा?

केंद्र सरकार द्वारा जारी गाडलाइन के मुताबिक, 8 जून से मंदिर, मस्जिद समेत सभी धार्मिक खुल जाएंगे। होटल और रेस्त्रां खोलने की अनुमति दे दी गई है। शॉपिंग मॉल भी खोल दिए जाएंगे।

कौन-कौन सी सुविधाएं अभी बंद रहेंगी?

केंद्र सराकर ने मेट्रो ट्रेन, इंटरनेशनल फ्लाइट्स, जिम और स्वीमिंग पूल को खोलने की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद में अनलॉक के आगे के चरण में फैसला लिया गया है।

क्या सैलून खुल जाएंगे?

पूरी गाइडलाइन में सैलून खोलने की अनुमति देने का कहीं जिक्र नहीं है। लेकिन यह फैसला राज्य सरकार अपने हिसाब से निर्णय ले सकती है। इसलिए आपके शहर या आपकी कॉलोनी में सैलून खुलेंगे या नहीं, यह राज्य सरकार या डीएम पर निर्भर करेगा।

क्या पहले की तरह दुकानें खुल जाएंगी?

दुकानें खुल जाएंगी, लेकिन पहले की तरह नहीं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करना होगा। सरकार ने यह दुकानदार की जिम्मेदारी तय की है कि वह नियमों का पालन करवाए।

क्या मैं दूसरे राज्य जा सकता हूं?

केंद्र सरकार ने एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। यहां तक कि किसी भी तरह के पास या परमिट की जरूरत को भी खत्म कर दिया है, लेकिन यह सब निर्भर करेगा राज्य सरकार के फैसले पर। यानी यदि हरियाणा सरकार चाहती है कि दिल्ली से लोग कोरोना लेकर उनके राज्य में न आए तो वह रोक सकती है।

क्या लॉकडाइन 4.0 के नियम खत्म हो गए हैं?

नहीं, सरकार ने लॉकडाउन 5.0 का ऐलान नहीं किया है, लेकिन जो शहर हॉटस्पॉट बने हुए हैं, वहां लॉकडाउन 4.0 के नियम लागू रहेंगे। सरकार का मानना है कि भारत में कोरोना वायरस के 70 फीसद से अधिक मामले 13 शहरों आ आए हैं। ये शहर हैं – मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद, ठाणे, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टू और तेरूवल्लुर। यहां लॉकडाउन 4.0 लागू रहेगा।

मुलतापी समाचार

श्योपुर : हुल्लपुर गांव में लगी भीषण आग, 20 से 22 घर जलकर खाक,आग बुझाने में कम पड़े संसाधन


मुलतापी समाचार

प्रदेश के श्योपुर ज़िले के हुल्लपुर गाँव में बड़ा हादसा हुआ है। यहां आग लगी और तकरीबन गाँव भर में यह आग फैल गई। इस आग ने अपने जद में तकरीबन 20 घरों को अपने जद में ले लिया।

श्योपुर के हुल्लपुर गांव में रात तकरीबन 10 बजे अचानक से आग लग गई। गांव के आसपास न तो फायर ब्रिगेड की व्यवस्था थी न प्रशासन तत्पर दिखा जिसका असर यह हुआ कि यहां तकरीबन 20 घर जलकर खाक हो गए। तकरीबन 6 मवेशी भी आग में जल गए। आग कितनी भयावह थी यह आप फ़ोटो देखकर अंदाज़ा लगा सकते है।

किसी आदमी की मृत्यु तो नहीं हुई है परंतु ग्रामीणों का नुकसान बहुत हुआ है। मवेशियों के लिए जो साल भर का चारा आदि रखा गया था वह भी सब जलकर राख हो गया है। आग किन कारणों से लगी इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।

आग इतनी भीषण थी कि आधे से ज्यादा गांव को अपनी चपेट में ले चुकी थी। आग बुझाने के लिए मौके पर एक फायर ब्रिगेड व कुछ ग्रामीण टेंकरों से पानी फेंक रहे थे लेकिन, आग की भीषण लपटों के सामने सारे प्रयास बौने साबित होते रहे। खबर लिखे जाने तक हुल्लपुर आग से सुलग रहा था। मौके पर एसडीएम व पुलिस के अफसर पहुंच चुके थे, लेकिन जलते हुए गांव को अफसर भी देखने के अलावा कुछ कर नहीं पा रहे थे।

बुधवार की शाम बिजली लाइन में हुए शॉटसर्किट से हुल्लपुर गांव में एक घर के पास भूसे में आग लग गई। सूखे भूसे में लगी आग की लपटें हवा के साथ इतनी तेजी से बढ़ी कि कोई कुछ नहीं कर पाया। आधे गांव को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। लोग अपने परिजन व मवेशी को आग से बचाने के लिए सुरक्षति स्थानों पर ले जाने लगे। आग से कई घरों का सामान जलकर राख हो गया। खबर लिखे जाने तक गांव में आग धू-धूकर जल रही थी। विजयपुर नगर परिषद की एक फायर ब्रिगेड जितनी आग बुझा नहीं पा रही थी उससे ज्यादा आग फैलती जा रही थी। मौके पर पहुंचे एसडीए त्रिलोचन गौड़ ने मुरैना व शिवपुरी जिले से फायर ब्रिगेड बुलाई लेकिन, समाचार लिखे जाने तक फायर ब्रिगेड नहीं आईं। ग्रामीण व एक फायर ब्रिगेड आग बुझाने की जद्दोजहद में जुटे थे।

श्रम सुधारों पर बड़ा एलान की संभावना CM शिवराज, 72 घंटे ओवरटाइम की मिल सकती है मंजूरी


छोटे-मोटे दुकानदारों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार दुकानें खोलने की समय सीमा को भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है.

भोपाल.  कोरोना आपदा के बाद आर्थिक स्थिति को सुधारने और रोजगार की चुनौती से निपटने के लिए मध्य प्रदेश सरकार कुछ बड़े कदम उठाने जा रही है. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान श्रम सुधारों को लेकर बड़ा एलान कर सकते हैं. इसके तहत वह प्रदेश में श्रम सुधार का एक नया मॉडल जल्द लॉन्च हो सकता है. इसमें कारोबारी और उद्योगपतियों को सहूलियत देने के साथ-साथ श्रमिकों को रोजगार देने के लिए 1000 दिन की कार्ययोजना तक शामिल की गई है. नई योजना के तहत सरकार कारखानों में कम से कम इन्वेस्टमेंट करते हुए ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्शन करने की योजना तैयार कर रही है.

सभी कारखानों में जो श्रमिक हैं उनकी शिफ्ट बढ़ाने और सप्ताह में 72 घंटे तक के ओवरटाइम देने की मंजूरी मालिकों को दी जा सकती है. हालांकि इसके एवज में फैक्ट्री मालिक को कर्मचारियों को ओवरटाइम के हिसाब से भुगतान भी करना होगा. छोटे-मोटे दुकानदारों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार दुकानें खोलने की समय सीमा को भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है. यह माना जा रहा है कि प्रदेश में अब दुकानें खोलने का अधिकतम समय रात 12:00 बजे किया जा सकता है. इसके अलावा भी कई और सहूलियत हैं जो श्रम कानूनों के तहत मिलने जा रही है.

-श्रम सुधार को लेकर होगा मध्य प्रदेश का नया मॉडल लॉन्च.

-रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने 1000 दिन की कार्ययोजना होगी तैयार.

-कोविड-19 महामारी के दौरान कारखानों में न्यूनतम नियोजन करते हुए अधिकतम उत्पादन करने की योजना की हो सकती है घोषणा.

-सभी कारखानों में श्रमिकों की शिफ्ट बढ़ाने और सप्ताह में 72 घंटे तक के ओवरटाइम की अनुमति दे सकती है सरकार.

-कारखाना अधिनियम में 120 धाराओं में से लगभग 90 धाराओं में छूट प्रदान की जा सकती है.

-कारखानों को वर्तमान में दो रिटर्न के स्थान पर एक रिटर्न की व्यवस्था भी हो सकती है.

-कारखानों के नक्शा अनुमोदन, पंजीयन, लाइसेंस के नवीनीकरण समेत कई व्यवस्थाओं को 1 दिन में जारी करने की घोषणा भी हो सकती है.

-मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960 को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की जा सकती है.

-मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 के अंतर्गत दुकान खुलने एवं बंद करने के समय में भी बदलाव हो सकता है.

-रात 12 बजे तक दुकानें खोलने को मिल सकती है मंजूरी.

-मध्य प्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982  के कुछ प्रावधानों में मिल सकती है छूट.

-सरकार ने अनावश्यक निरिक्षणों में भी छूट के प्रावधान तैयार किए हैं.

-श्रम कानूनों एवं कारखानों से जुड़ी लगभग 20 सेवाओं को लोक सेवाओं से जोड़ कर एक दिन में अनुमति प्रदान करने की भी सुविधाएं दी जा सकती है.

मध्यप्रदेश सीएम शिवराज की सभी पत्रकारों को ‘विश्‍व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ पर हार्दिक बधाई


भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे’ के अवसर पर सभी मीडिया से जुड़े पत्रकारों को हार्दिक बधाई दी है। चौहान ने अपने ट्वीट के माध्यम से कहा कि ”मीडिया के मित्रों को वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे की हार्दिक बधाई।

उन्‍होंने आगे लिखा, आप अपनी इस शक्ति का उपयोग सदैव अन्याय के विरुद्ध और कमज़ोरों एवं असहायों के हितों की रक्षा के लिए करें। समाज एवं राष्ट्र की उन्नति में ऐसे ही योगदान देते रहें, शुभकामनाएं।

उल्‍लेखनीय है कि आज रविवार को वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे है। दुनियाभर में मनाए जानेवाले इस दिन को मनाने का मकसद प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा तय कराना है। फिलहाल, प्रेस स्वतंत्रता के मामले में भारत का स्‍थान बहुत नीचे हैं। यह वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में 142वें नंबर पर है, जबकि सूची में 180 देशों सम्‍म‍ि‍लित हैं ।

इस मामले में भारत अपने पड़ोसी देश भूटान, नेपाल, श्री लंका, और म्यांमार से भी पीछे है। हां हम इस बात पर जरूर संतुष्‍ट हो सकते हैं कि इस इंडेक्‍स में चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश से भारत बहुत बेहतर स्‍थ‍िति में है। लेकिन इसी के साथ हमें नहीं भूलना चाहिए कि गत पांच वर्षों में यहां 198 पत्रकारों पर हमले हुए हैं। जिनमें से 40 हमलों में पत्रकार की हत्या कर दी गई। इन हमलों की मुख्‍य वजह खबर छापना ही सामने आया है। इसमें भी दुख इस बात का है कि कुल हमलों के एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। सिर्फ एक तिहाई मामलों में प्राथमिक रिपोर्ट यानी कि फर्स्ट इनफॉरमेशन रिपोर्ट दर्ज हो सकी है।

मुलतापी समाचार की ओर से सभी पत्रकारों को ‘विश्‍व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ पर हार्दिक बधाई एवं सभी मेंरा सलामख्, जो इस समय कोरोना वैश्‍यविक महामारी के होते हुए भी स्‍वतंत्र पत्रकारिता का कार्य नि‍रंतर कर रहे है

मध्यप्रदेश में कलेक्‍टरों एवं अध‍िकारियों का तबादला, छिंदवाड़ा, सिवनी ओर बुराहनपुर कलेक्टर बदले


मुलतापी समाचार

MP News

मध्‍यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ है तब से अधिकारियों के तबादला का दौर निरंतर जारी है कोरोना संकट के बीच एक बार मध्य प्रदेश में प्रशासन सर्जरी की गई है  इसी क्रम में राज्य शासन द्वारा बड़ा प्रशासिनक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के (आईएएस) अधिकारियों का तबादला कर दिया है भोपाल के कमिश्नर बदले तो दूसरी तरफ छिंदवाड़ा , सिवनी ओर बुराहनपुर जिले के कलेक्टर बदले गए है

MP News : 15 लाख किसानों को मिलेंगे फसल बीमा के 2990 करोड़ रुपये


Madhya Pradesh News :

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भोपाल। मध्‍य प्रदेश में 15 लाख किसानों को फसल बीमा के 2990 करोड़ रुपये मिलेंगे। मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार रात खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि यह राशि एक मई को किसानों को मिल जाएगी।

कोरोना संकट के बीच शिवराज सरकार किसानों के खातों में यह राशि जमा करेगी। यह राशि प्रधानमंत्री फसल बीमा के उन दावों की दी जाएगी, जो कमल नाथ सरकार के बीमा कंपनियों को दो हजार 200 करोड़ रुपये का राज्यांश नहीं देने की वजह से दो साल से अटके थे।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को देर शाम बैठक करके यह राशि तत्काल किसानों को देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में किसानों को खरीफ 2018 और रबी 2018-19 का फसल बीमा अभी तक नहीं मिला है। दरअसल, कमल नाथ सरकार ने बीमा कंपनियों को राज्यांश, दो हजार 200 करोड़ रुपये नहीं दिया था।

इसके कारण कंपनियां किसानों की फसल खराब होने के बाद भी दावों को अंतिम रूप नहीं दे पा रही थीं। केंद्र सरकार ने इसको लेकर पत्र भी लिखा था पर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब इसकी समीक्षा की तो वित्त विभाग को निर्देश दिए कि तत्काल बीमा कंपनियों को लंबित राशि दी जाए।

इसके बाद 15 लाख से ज्यादा किसानों के दावों को अंतिम रूप मिला गया और उन्हें दो हजार 990 करोड़ रुपये से ज्यादा फसल बीमा के मिलेंगे। यह राशि एक मई को उनके खातों में मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक पर जमा करेंगे।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 23 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी का कार्य पूरा किया जा चुका है। किसानों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य का कवच भी उपलब्ध है। एक माह पूर्व किसानों को यह चिंता थी कि खरीदी होगी अथवा नहीं। राज्य में गेहूं खरीदी का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का यहां भी ध्यान रखा जा रहा है।

सीएम ने कहा कि लॉकडाउन के कारण जूट के बारदानों की उपलब्धता की समस्या आई थी, जिसे दूर किया गया है। इसमें केन्द्र का सहयोग भी मिल रहा है। चना, मसूर और सरसों की खरीदी की भी समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि किसानों को अधिकतम सुविधाएं देकर उन्हें किसी भी तरह के शोषण से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रति हेक्टेयर उत्पादन के आधार पर सीमा तय कर किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। पूर्व सरकार ने जो सीमा कम की थी, उसे बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है।

युवती हवस का शिकार, भाई को कुए में फेंककर किया गैैंगरेप, पांच पकड़ाए, दो फरार


मुलतापी समाचार

बैतूल भाई के साथ पेट्रोल लेने आयी एकायुवती से गैंगरेप और उसके भाई को कुप में फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना पाढर की बताई जा रही है। पुलिस ने इस दुष्कर्म में शामिल। 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है। जबकि 2 की तलाश जारी है।

सूत्रों के मुताबिक पाढर के करीबी गांव से अपने भाई के साथ बाइक पर सवार होकर आयी युवती को पाढर में 7 लोगो ने अपनी हवस का शिकार बनाया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले युवती के भाई के साथ मारपीट की और फिर उसे पास ही एक कुए में फेंक दिया। इसके बाद सालों ने युवती के साथ गैंग रेप किया। ये पूरी घटना पाढर।की शराब दुकान के पीछे अंजाम। दिया जाना बताया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री डीएस भदौरिया ने बताया कि युवती के बयानों के आधार पर 5 लोगो को हिरासत में लिया गया है।बाकी दो की तलाश की जा रही है। युवती व उसका भाई स्वस्थ्य है। इधर घटना के बाद लॉकडाउन के दौरान हुए इस रेप कांड से इलाके में सनसनी फैल गयी है। यह सवाल भी उठ रहे है कि जब लाकडाउन हे तो सात लोग शराब दुकान तक कैसे पहुंच गए। फिलहाल पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।

हमीदिया भोपाल में कोरोना संक्रमण से पिडित मरीजों की मौत की संख्या में कमी नहीं आ रही


HAMIDIYA BHOPAL COVID-19

https://www.covid19india.org/

हमीदिया अस्पताल भोपाल में कोरोना संक्रमण से पिडित मरीजों की मौत की संख्या में कमी नहीं आई शासन के प्रयास में कमी नजर आ रही है। अव्यवस्था का अम्बार नजर आ रहा है बिते 3 दीनो मे कोई सुखद समाचार नही प्राप्त हुए। ना कोई आला अधिकारियों को इस बात का पता है और ना ही किसी ने सुध लेने की जरूरत समझी पुछने पर बस इतना ही कहा जाता है कि हम प्रयास कर रहे हैं और मरीजों की संख्या में कमी आएगी किन्तु देखने में ऐसा नहीं है परिस्थिति विपरीत है जांच की रिपोर्ट आने में भी ज्यादा समय लग रहा है जिससे जो मरीज संग्धित है उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है एक ओर तो जहाँ हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान व्यवस्था को परिपूर्ण बनाने की बात कही है जबकि कुछ भी ऐसा नहीं हुआ है प्रदेश के लगभग सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए ऐसे ही हालात का सामना करना पड़ रहा है यदि इस प्रकार चलता रहा तो 3 मई तक प्रदेश में लोकडाऊन की अवधि को समाप्त करने का प्रयास सफल हो पायेगा या नहीं यह विचारणीय है

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर घर पहुंचा रही पोषण आहार,माक्‍स वितरण एवं पक्षीयों के ली सुध


तपती गर्मी में आंगनवाडी केन्‍द्राेें पर पक्षियों के लिए की दाने पानी की व्यवस्था

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पौनी सोपई गौला डोंगरपुर जामगांव मोहरखेडा मास्क वितरण करतेे हुए

मुलताई। नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए किए गए टोटल लॉकडाउन के दौरान भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने कर्त्तव्यों का निबार्ध्‍य रूप से पालन कर रही हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों के बंद रहने की स्थिति में आंगनवाड़ी सेवा से संबद्ध 6 माह से 6 वर्ष तक के आयु वर्ग के बच्चों एवं गर्भवती व धात्री माताओं को टेक होम राशन और पोषण आहार प्रदाय किया जा रहा है। सेक्टर में आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को मिलने वाले नाश्ता और गर्म पका भोजन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। ये सामग्री आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने घरों में तैयार कर रही हैं।

महिला बाल विकास विभाग परियोजना मुलताई की सुपरवाइजर सुश्री सकु गलफट ने बताया कि खेेेेेेेेडीकोट सेक्टर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पौनी, सोपई, गौला, डोंगरपुर, जामगांव, मोहरखेडा, मास्क वितरण करतेे हुए समस्त आंगनवाड़ी केंंद्रों कार्यकर्ताओं द्वारा 3 से 6 वर्ष की आयु वर्गके बच्‍चों को मिलने वाले नाश्‍ता और गर्म पका भोजन व्‍यवस्‍था प्रभावित होने के कारण रेडी-टू-ईट का वितरण घर घर जाकर किया एवं कोविड 19 के बचाव के लिए स्वंय के द्वारा मास्क बनाकर वितरण करनेे की व्‍यवस्‍था की गई है और साथ ही इस तपती गर्मी में आंगनवाडी केन्‍द्राेें पर पक्षियों के लिए की दाने पानी की व्यवस्था की जा रही है।

तपती गर्मी में आंगनवाडी केन्‍द्राेें पर पक्षियों के लिए की दाने पानी की व्यवस्था

रेडी टू इट आंगनवाड़ी केन्द्र पोहर परियोजना मूलताई में 3 से 6 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को मिलने वाले नाश्ता और गर्म पका भोजन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। ये सामग्री आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने घरों में तैयार कर रही हैं।

मास्क वितरण सोपई गौला डोंगरपुर जामगांव मोहरखेडा लडडु वितरण रेडी-टू-ईट जामगांव सोपई मोहरखेडा

मुलतापी समाचार सभी महिला एवं बाल विकास अधिकारी पर्यवेक्षक और हमारी आंगनवाडी कार्यकताफ्रन्‍टलाईन वर्कर, कोरोना वारियर्स जो की कोरोना वैश्‍यविक महामारी में जन हित के लिए सजग और सुचारू रूप से जागरूकता, घर घर पोषण आहार वितरण, स्‍वयं माक्‍स बनाकर वितरण कार्य निरंतर करने हेतु धन्‍यवाद करता है