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भोपाल में 10 दिन का लॉक डाउन बड़ाा 24 जुलाई से


Lock Down in Bhopal

भोपाल। राजधानी में बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए 24 जुलाई से दस दिन का पूर्ण लाॅक डाउन लगाया जा रहा है। गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया कि रात आठ बजे से लॉक डाउन लागू कर दिया जाएगा।

कोरोना को लेकर हुई समीक्षा बैठक के बाद तय किया गया है कि भोपाल में 24 जुलाई से 10 दिनों के लिए पूरी तरह लॉक डाउन रहेगा। इस दौरान न तो कोई भोपाल में प्रवेश कर पाएगा और ना ही यहां से बाहर जा सकेगा। दवा, दूध, सब्जी और सरकारी राशन की दुकान खुली रहेंगी। आने-जाने के लिए पहले की तरह ही पास जारी होंगे।

नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सभी सरकारी राशन दुकान संचालकों को कहा गया है कि वे गरीबों को जुलाई माह का राशन दो दिन के भीतर वितरित कर दें। उद्योग और सरकारी दफ्तर खुलेंगे। सरकारी दफ्तरों में सिर्फ चुनिंदा स्टाफ को ही आने की अनुमति होगी।

आगामी मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही होगी। डॉ मिश्रा ने बताया कि रक्षाबंधन का त्यौहार आ रहा है ऐसे में बहनें त्योहार को दूरी से मनाने का मध्य मार्ग देखें। प्रदेश में कल 747 कोरोना पॉजिटिव प्रकरण सामने आए थे। वहीं, पांच सौ अस्सी स्वस्थ होकर घर लौटे स्वस्थ होने की दर 67 फीसद हुई है। वहीं, मृत्यु दर में भी सुधार हुआ है। यह अब 3.8 फीसद है। गृहमंत्री ने कहा सभी से आग्रह है कि सभी लोग 10 दिन का राशन लेकर रख लें।

उल्‍लेखनीय है कि राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण थम नहीं रहा है। बुधवार को भोपाल में 116 पॉजिटिव मरीजों के मिलने की पुष्टि हुई है। वहीं बुधवार को ही 54 मरीज कोरोना से ठीक होकर घर भी लौटे हैं।

इससे पहले पुराने शहर के प्रमुख बाजारों में बुधवार से पांच दिन तक (26 जुलाई) तक लॉकडाउन का निर्णय लिया गया था। बीते सात दिन में यहां 46 से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इस कारण जिला प्रशासन ने व्यापारी संघों के साथ बैठक लेकर कोतवाली, मंगलवार व हनुमानगढ़ थाना क्षेत्र के बाजारों में लॉकडाउन रखने का निर्णय लिया था। हालांकि, कई व्यापारिक संघ लॉकडाउन को लेकर गुस्से में थे। उनका कहना है कि कोरोना का संक्रमण राजधानी में सभी जगह है। ऐसे में सिर्फ पुराने शहर के बाजार बंद रखना उचित नहीं है। लॉकडाउन हो तो सभी बाजारों में लागू किया जाए।

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में हुई अनोखी शादी


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

नरसिंहपुर: मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में lockdown के बीच एक अनोखी शादी हुई, जिसमें वर-वधू पक्ष को fere कराने के लिए जब कोई पंडित नहीं मिला तो गश्त पर निकली महिला एसआई ने शादी के मंत्र पढ़े और और दिया जलवाकर सात fere लगवाए! एसआई ने वर-वधू को सात वचनों के साथ कानून की जानकारी भी दी!

ताजा किस्सा मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव तहसील के गांव झोतेश्वर का है! जिले के श्रीनगर के लक्ष्मण पुत्र टीकाराम चौधरी का अक्षय तृतीया पर इतवारा बाजार निवासी रितु पुत्री राजाराम चौधरी से विवाह तय था! इसके लिए दोनों पक्षों के 8 सदस्य झोतेश्वर के शिव पार्वती मंदिर की परिक्रमा में मौजूद थे! लेकिन विवाह कराने के लिए उन्हें कोई पंडित ही नहीं मिला! अब विवाह हो तो कैसे! इसी बीच झोतेश्वर चौकी प्रभारी एसआई अंजलि अग्निहोत्री गस्त करती हुई जब मंदिर पहुंची तो वर वधु ने समस्या बताइ! इस पर वह खुद पंडित की भूमिका अदा करने को तैयार हो गई!

दूल्हे लक्ष्मण का परिवार पूजन में लगने वाली सामग्री भी नहीं ला पाया था! बताशे तक नहीं थे! उनके पास सिर्फ नारियल ही थे!ऐसे में एस आई अंजलि अग्निहोत्री ने कहीं से शक्कर मंगवा कर मिष्ठान की कमी पूरी की! जब मंत्र पढ़ने की बारी आई तो कुछ मंत्र अंजलि ने पढ़ना शुरू किए और फिर गूगल के सहारे विवाह पद्धति सर्च कर शेष मंत्रों को पढ़कर विवाह संपन्न कराया!

मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

गोद में एक साल की बच्ची, साइकल से नासिक से आये एमपी – पति-पत्नी


मुलतापी समाचार

मध्‍यप्रदेश न्‍यूज

लॉकडाउन के दूसरे चरण में भी प्रवासी मजदूरों का पलायन थमा नहीं है। महाराष्ट्र के नागपुर और नासिक में काम करने वाले मध्य प्रदेश के कई मजदूर सड़क के रास्ते अपने घर लौट रहे हैं। इनमें से किसी के पास साइकल है तो कोई पैदल ही चल पड़ा।

3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद कई मजदूर परिवारों के सब्र का बांध टूट गया है। ऐसी ही एक फैमिली नासिक से 5 दिन पहले साइकिल के सहारे सतना के लिए निकली है। इन्हें उम्मीद है कि घर तक पहुंचने में 6 दिन और लगेंगे। इस दम्पती के साथ उनका सालभर का बच्चा भी है। अपने बच्चे को गोद में उठाए कभी पैदल..तो कभी साइकिल पर बैठी मिली महिला ने कहा, ‘क्या करती..ऐसे तो भूखों मर जाते?

सतना, मध्य प्रदेश. लॉक डाउन के कारण देशभर में हजारों गरीब मजदूर अपने घरों से दूर दूसरे राज्यों में फंसे हैं। गाड़ियां बंद होने और सीमाएं सील होने से वे अपने घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। लेकिन सैकड़ों मजदूर ऐसे भी हैं, जो पैदल ही अपने घरों की ओर निकल पड़े हैं। वे लगातार चल रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आज नहीं तो कल, वे अपने घर तक पहुंच ही जाएंगे। ऐसी ही एक मजदूरी फैमिली 5 दिन पहले महाराष्ट्र के नासिक से मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित अपने गांव के लिए निकली है। पति रुक-रुककर पत्नी को पीछे बैठाकर साइकिल खींचता है। पत्नी की गोद में सालभर का बच्चा है। दम्पती का सफर अभी आधा ही हुआ है। यानी गांव तक पहुंचने में अंदाजा 6 दिन और लगेंगे। ज्यों-ज्यों घर करीब आ रहा है, इस दम्पती के चेहरे की चमक बढ़ती जा रही है।

और हम क्या करते फिर… यह दम्पती नागपुर में मजदूरी करता था। काम बंद होने से रोटी की फिक्र होने लगी। कुछ दिन जैसे-तैसे चलता रहा, लेकिन फिर सब्र जवाब दे गया। इसके बाद इस फैमिली ने साइकिल से ही अपने घर निकलने की ठानी। महिला ने कहा कि वो लोग कब तक इंतजार करते..ऐसे तो भूखे ही मर जाते।

शिवराज ने कहा कि मजदूरों को खाते में 1000 रुपए डालेंगे.. इस बीच मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर मजदूर के खाते में 1000 रुपए डालेंगे, तो उन्हें खाने की दिक्कत न हो। वहीं, हर राज्य मजदूरों के लिए खाने और रुकने का इंतजाम भी कर रहे हैं, लेकिन मजदूर चिंतित हैं। बेकार बैठे मजदूरों को अब अपने घरों की चिंता सताने लगी है।

LOCKDOWN का असर, सड़कें सुनसान, दिखाई दे रहा प्रभावी असर – एसडीएम


लॉकडाउन में मुलताई के सडके सुनसान दिखी

पुलिस प्रशासन सख्त, लोगों से घरों में रहने की लगातार की जा रही अपील

मुलतापी समाचार

मुलताई। कोरोना सैनिकों द्वारा नगर में लॉकडाउन का प्रभावी रूप से पालन कराया जा रहा है, जिससे सड़कें सुबह से लेकर रात तक सुनसान नजर आ रही हैं। लॉकडाउन के असर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब लोग स्वेच्छा से ही घरों में अंदर रहने लगे हैं जिससे पूरे नगर में सन्नााटा पसरा हुआ है। सुबह मात्र कुछ समय के लिए हलचल नजर आती है लेकिन इसके बाद पूरा दिन मानो खामोश हो जाता है। इधर पुलिस-प्रशासन द्वारा लगातार वाहनों से लोगों से घरों से नहीं निकलने की अपील की जा रही है जिसका असर भी अब दिखने लगा है। नगर में यदि इक्का-दुक्का वार्डों को छोड़ दें तो अन्य सभी वार्डों में लॉकडाउन का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। लोगों की इस जागरूकता के कारण ही नगर में कोरोना जैसे खतरनाक वायरस से जंग जीती जा सकती है।

एसडीओपी नम्रता सोंधिया के अनुसार लोगों से लगातार अपील की जा चुकी है अब लोगों की जागरूकता ही उन्हें बचा सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस के डंडे से एक हद तक ही नियमों का पालन कराया जा सकता है, लेकिन जब तक लोग स्वयं जागरूक होकर नियमों का पालन नहीं करेंगे तब तक पुलिस भी कुछ नहीं कर पाएगी। एसडीओपी ने बताया कि नगर में नेहरू तथा गांधी वार्ड में लोगों को घरों में रहने की लगातार समझाइश के बावजूद लोग बाहर निकल रहे हैं जिसकी वजह से पूरा नगर प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने बताया कि नगर के अन्य वार्डों में स्थिति बेहतर है तथा लोगों की जागरूकता की वाकई काबिले गौर है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने स्तर पर पहले समझाने का ही प्रयास करती है जिसके बाद ही सख्त होना पड़ता है क्योंकि यह लोगों की ही सुरक्षा के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब नियम और सख्त हो गए हैं इसलिए बाहर निकलने वालों पर सीधी एफआईआर की जा सकती है इसलिए लोगों को घरों में ही रहना जरूरी है ताकि इस जंग में हम जीत हासिल कर सकें।

त्योहारों पर भी लोगों ने किया नियमों का पालन

एसडीएम सीएल चनाप ने कहा कि पहले कुछ दिनों तक लोगों को घरों में रहने की लगातार समझाइश दी गई लेकिन अब लोग स्वयं जागरूक नजर आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि रामनवमी एवं हनुमान जयंती सहित शब-ए-बारात पर्व पर लोगों का घरों में ही रहकर प्रार्थना करना यह साबित करता है कि लोग स्वास्थ्य के लिए जागरूक हो चुके हैं। उन्होने कहा कि इन प्रमुख पर्वों पर लोगों ने जहां घरों से बैठकर ही पूजन किया वहीं नमाज अता कर दुआएं भी मांगी गई।

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15 राज्यों ने पीएम मोदी से की लॉकडाउन बढ़ाने की अपील, जल्द हो सकता है ऐलान


Multapi Samachar

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मुख्‍यमंत्रियों से बातचीत में उनकी राय ली कि कोरोना वायरस संक्रमण (CoronaVirus) को रोकने के लिए लॉकडाउन को 14 अप्रैल से आगे बढ़ाया जाए या नहीं.

नई दिल्‍ली. भारत में कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है. मौत के आंकड़ें और मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है. इस बीच शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चर्चा की. प्रधानमंत्री इस दौरान मुख्यमंत्रियों से उनकी राय ले रहे थे कि संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन को 14 अप्रैल से आगे बढ़ाया जाए या नहीं.



ज्‍यादातर राज्‍यों ने लॉकडाउन बढ़ाने की अपील की

इस बीच कई राज्‍य के मुख्‍यमंत्रियों ने पीएम मोदी से लॉकडाउन को बढ़ाने की अपील की. इसके साथ ही ज्‍यादातर राज्‍यों ने लॉकडाउन को बढ़ाए जाने पर सहमति भी जताई. इस बैठक में मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बीएस येडियुरप्‍पा और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन को बढ़ाने के सुझाव दिए.

केंद्रीय स्‍तर पर बढ़े लॉकडाउन: अरविंद केजरीवाल
मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मौजूदा हालात को देखते हुए राष्‍ट्रीय स्‍तर पर लॉकडाउन को बढ़ाने का सुझाव दिया. जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है. केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, अधिकांश राज्‍यों ने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि लॉकडाउन को और बढ़ाया जाए. अब सरकार इसपर विचार कर रही है. ऐसा भी कहा जा रहा है कि सरकार जल्‍द ही लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर सकती है.

जान भी जहान भी, दोनों पहलुओं पर ध्यान आवश्यक: पीएम मोदी
वहीं मुख्‍यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्‍यम से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जान है तो जहान है, जब मैंने राष्ट्र के नाम सन्देश दिया था, तो प्रारम्भ में बल दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंशिंग का पालन बहुत आवश्यक है. देश के अधिकतर लोगों ने बात को समझा और घरों में रहकर दायित्व निभाया.

पीएम मोदी ने कहा क‍ि और अब भारत के उज्जवल भविष्य के लिए, समृद्ध और स्वस्थ भारत के लिए जान भी जहान भी, दोनों पहलुओं पर ध्यान आवश्यक है. जब देश का प्रत्येक व्यक्ति जान भी और जहान भी, दोनों की चिंता करते हुए अपने दायित्व निभाएगा, सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा. तब हमारा उद्देश्‍य पूरा होगा.

लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री ने भी समर्थन किया: नारायणसामी
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में मुख्यमंत्रियों की एक स्वर में राय थी कि लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाए जिसका मोदी ने भी समर्थन किया.

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ राज्यपालों और उप राज्यपालों की ओर से सरकारों के काम में दखल देने का मुद्दा उठाया और प्रधानमंत्री से इन्हें ‘नियंत्रित करने’ का आग्रह किया.

नारायणसामी ने वीडियो लिंक के जरिये संवाददाताओं से कहा, ‘हम मुख्यमंत्री एकमत थे कि लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाए और प्रधानमंत्री ने भी इसका समर्थन किया. इसकी आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी.’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों की राय सुनी. 13 मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखी. मुख्य मुद्दा लोगों की जीविका का था. यह बात मुख्य रूप से की गयी राज्यों के पास पर्याप्त धन नहीं है. ऐसे में भारत सरकार क्या कर रही है.’ नारायणसामी के मुताबिक मुख्यमंत्रियों ने यह जानना चाहा कि केन्द्र सरकार कामगारों, छोटे दुकानों, एमएसएमई और उद्योगों के लिए क्या करने जा रही हैं.

स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार से राज्य में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की अपील की
तमिलनाडु में विपक्षी द्रमुक ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह पंजाब और ओड़िशा की तरह लॉकडाउन (बंद) की अवधि को अप्रैल अंत तक के लिए बढ़ाए ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने यह अपील ऐसे समय में की है जब मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में राज्य की कैबिनेट बंद की अवधि बढ़ाने पर फैसला करने वाली है.

कोविड-19 संकट से निपटने के लिए आवश्यक कदमों के संबंध में सलाह देने के लिए राज्य सरकार ने 19 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित है. इस समिति ने भी 14 अप्रैल के बाद और दो सप्ताह के लिए बंद लागू रखने की शुक्रवार को सिफारिश की. तमिलनाडु में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 911 मामले सामने आ चुके हैं. स्टालिन ने शनिवार को पलानीस्वामी को पत्र लिखकर बंद की अवधि बढ़ाए जाने की अपील की.

पवित्र नगरी मुलताई में अब से ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी की जाएगी वीड़ियो देखे


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अब एक पैनी नजर निगाह हम सब पर

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रामनवमी एवं चैत्र नवरात्रि पर घरों में दीपक प्रज्वलित किये, देश मे  लॉकडाउन समय सेवाकर्मीयों का धन्यवाद किया


रामनवमी के पावन अवसर पर घर के बाहर दीपक से सजाया

बैतूल -रामनवमी पर्व पर लोगो ने लॉक डाउन का पालन कर अपने घरों के सामने दीप जला कर मनाई । जब भगवान श्रीराम चन्द्र जी का जन्म हुआ तब पूरी अयोध्या नगरी में घर-घर दीप प्रज्ज्वलित कर खुशियाँ मनाई गई थी और जब प्रभु श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूर्ण करके अयोध्या में लौटे थे तब भी घर-घर दीप प्रज्वलित कर उनका भव्य स्वागत किया गया था । आज श्रीराम नवमी के शुभ अवसर पर बैतूल जिले के गंज स्थित टैगोर वार्ड में भी घर-घर दीप प्रज्ज्वलित कर भारत को विश्वगुरु बनाने की मंगल कामना के साथ सभी के उत्तम स्वास्थ्य व आयु में वृद्धि  हेतु प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना की गई। युवा सेवा संघ बैतूल के जिलाध्यक्ष व समाजसेवी राजेश मदान ने बताया कि देश भर में सोशल मीडिया के माध्यम से सभी से श्रीराम नवमी की शाम को अपने अपने घर मे अपने परिजनों के ही साथ श्रीरामनवमी का पर्व हर्सोल्लास से मनाने व सभी की खुशहाली हेतु शाम को घर-घर दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील की गई थी।

रामनवमी के पावन पर्व पर बच्चों ने दीपक जलाएं

संजय पवार ने बताया

सारनी। भगवान् राम जी और नवरात्रि नवमी के दिन दीपकों को प्रज्वलित कर महामारी का अंत और मानव जाति जीव जंतु पशु पक्षियों की वातावरण पर्यावरण संरक्षण व मानव संसाधन की रक्षा प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रार्थना करते हुए वर्तमान कोरोना वाईरस कोविड19 जैसी घातक बीमारी से पीड़ित इंसानों के सुधार और आगे यह महामारी न फैले जगत जननी भुवनेश्वरी मां दुर्गा और भगवान् विष्णु के अवतार राम भगवान् से प्रार्थना करते हुए संसार के प्राणियों की रक्षा के लिए और हमारे भारत देश की रक्षा के लिए समर्पित होकर दीपों की ज्योत जलाकर प्रार्थना की ।

घर के बाहर निकल कर और एक जगह एकत्रित होकर हम मौत को ही न्यौता दे रहे हैं


इंसान की तरह मौत धोखा नहीं देती , लोग स्वयं बेमौत मरते हैं।

लॉकडाउन के समय घर से निकले लोगों की फाइल फोटो

मौत तो निर्धारित होती है, पर नासमझ लोग इसको अनिर्धारित कर देते हैं

एक फ़कीर शाम के वक़्त अपने दरवाज़े पर बैठा था, तभी उसने देखा कि एक छाया वहाँ से गुज़र रही है। फ़कीर ने उसे रोककर पूछा- कौन हो तुम ? छाया ने उत्तर दिया- मैं मौत हूँ और गाँव जा रही हूँ क्योंकि गाँव में महामारी आने वाली है। छाया के इस उत्तर से फ़कीर उदास हो गया और पूछा, कितने लोगों को मरना होगा इस महामारी में। मौत ने कहा बस हज़ार लोग। इतना कहकर मौत गाँव में प्रवेश कर गयी। महीने भर के भीतर उस गाँव में महामारी फैली और लगभग तीस हज़ार लोग मारे गए।

फ़कीर बहुत क्षुब्ध हुआ और क्रोधित भी कि पहले तो केवल इंसान धोखा देते थे, अब मौत भी धोखा देने लगी। फ़कीर मौत के वापस लौटने की राह देखने लगा ताकि वह उससे पूछ सके कि उसने उसे धोखा क्यूँ दिया। कुछ समय बाद मौत वापस जा रही थी तो फ़कीर ने उसे रोक लिया और कहा, अब तो तुम भी धोखा देने लगे हो। तुमने तो बस हज़ार के मरने की बात की थी लेकिन तुमने तीस हज़ार लोगों को मार दिया। इस पर मौत ने जो जवाब दिया वह गौरतलब है।
मौत बोली- मैंने तो बस हज़ार ही मारे हैं, बाकी के लोग (उनतीस हज़ार) तो नादानी और नासमझी से मारे गए। महामारी से बचाव जरुरी है,सुरक्षा जरुरी है। मौत के मुंह में खुद जाने वालों से मौत का कोई वास्ता नहीं। वे बेमौत मर कर उन्होंने भगवान की सृष्टि का अपमान ही किया। इसमें मेरा कोई दोष नहीं ,दोषी वे सब स्वयं है ।

दिल्ली की जनाजे की फाइल फ़ोटो

सही है, आज की संकट की इस घड़ी में देश के प्रधानमंत्री की बात न मानकर और घर के बाहर निकल कर,एक जगह एकत्रित होकर हम मौत को ही तो न्यौता दे रहे हैं।
मुलतापी समाचार

देश भर में मरकज तब्लीगियों पर कसा शिकंजा, प्रारंभ हुआ सर्च ऑपरेशन


देश में फैला रहा कोराना मरकज तब्‍लीगियों द्वारा

Tablighi Markaz Nizamuddin:

मुलतापी समाचार

दिल्ली के निजामुद्दीन के Tablighi Markaz से लोगों को निकालने के बाद केंद्र सरकार ने यहां से विभिन्न राज्यों में गए उनके नुमाइंदों की तलाश तेज कर दी है। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों (डीजीपी) और मुख्य सचिवों को इसे जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। Tablighi Markaz के कारण पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस पीड़ित 376 नए मरीज सामने आए हैं। Tablighi Markaz में शामिल विदेशियों को वीजा नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने संबंधित देशों में अपने दूतावासों को इस बारे में जानकारी भी दे दी है।

वरना फिर सकता है पानी

बुधवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक में कैबिनेट सचिव ने विभिन्न राज्यों में फैले Tablighi Markaz के लोगों के खतरे से आगाह किया। राजीव गौबा ने राज्यों को कहा कि इन Tablighi Markaz के लोगों की युद्धस्तर पर खोजकर उन्हें अलग-थलग करना जरूरी है, वरना अभी तक की सारी कोशिशों पर पानी फिर सकता है।

Tablighi Markaz वालों ने बिगाड़े हालात

Tablighi Markaz के लोगों की आपराधिक लापरवाही के कारण कोरोना के केस की संख्या तेजी से बढ़ने का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि उनके संपर्क में आने के कारण दिल्ली से 18, जम्मू-कश्मीर में 23, तेलंगाना में 20, आंध्र प्रदेश से 43, अंडमान-निकोबार से नौ, तमिलनाडु से 110 और पुडुचेरी से दो नए मामले सामने आए हैं। इसके अलावा कई अन्य जगहों पर अतिरिक्त सैंपल की टेस्टिंग की जा रही है। जहां भी ये मामले मिले हैं, वहां उनके संपर्क में आने वालों की पहचान के लिए सघन अभियान शुरू कर दिया गया है। ताकि जरूरत के मुताबिक उन्हें आइसोलेशन में रखने से लेकर अस्पताल में भर्ती तक किया जा सके।

उन्होंने कहा कि यदि Tablighi Markaz के कारण फैले कोरोना को छोड़ दें, तो पूरे देश में स्थिति नियंत्रण में है। उनके अनुसार कोरोना को फैलने से रोकने में लॉकडाउन का असर निश्चित रूप से सामने आएगा, सिर्फ लोगों का इसका कड़ाई से पालन करने की जरूरत है।

MP क्या 14 अप्रैल के बाद भी बढ़ सकती है लॉकडाउन की डेट? सरकार ने जारी किया 3 महीने का प्लान


मुलतापी समाचार

  • चीन से निकले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी
  • भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई
  • लॉकडाउन के दूसरे दिन ही सरकार ने राहत पैकेज का ऐलान किया

नई दिल्ली। चीन के वुहान से निकले कोरोना वायरस ( Coronavirus In China ) ने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी है। भारत में कोरोना ( Coronavirus In India ) संक्रमित मरीजों की संख्या 650 के पार पहुंच गई है।

हालांकि भारत में अभी कोरोना वायरस ( Coronavirus ) दूसरी स्टेज में है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत जल्द ही कोरोना की तीसरी स्टेज में प्रवेश कर सकता है।

यही वजह है कि भारत सरकार ( Modi Goverment ) ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू कर दिया है। लॉकडाउन ( Lockdown ) के दूसरे दिन ही मोदी सरकार ने देशवासियों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया।

लेकिन सरकार ने इस पैकेज में जिस तरह से हर योजना को आगामी तीन महीने के लिए तैयार किया है, उसने कई सवालों को जन्म दे दिया है।

दरअसल, केंद्र सरकार की प्लानिंग देख ऐसा लग रहा है, जैसे यह लॉकडाउन 21 दिनों से अधिक होने वाला है।

आपको बता दें कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरो नावायरस के प्रकोप के खिलाफ सरकार द्वारा छेड़ी गई जंग से प्रभावित गरीबों और मजदूरों की कठिनाइयों को देखते हुए गुरुवार को 1,70,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज के रूप में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की।

वित्तमंत्री ने कहा कि इस पैकेज के तहत गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को सीधे उनके बैंक खाते में नकद राशि का हस्तांतरण कर उनको खाद्य सुरक्षा प्रदान की जाएगी

आपको बता दें कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरो नावायरस के प्रकोप के खिलाफ सरकार द्वारा छेड़ी गई जंग से प्रभावित गरीबों और मजदूरों की कठिनाइयों को देखते हुए गुरुवार को 1,70,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज के रूप में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की।

वित्तमंत्री ने कहा कि इस पैकेज के तहत गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को सीधे उनके बैंक खाते में नकद राशि का हस्तांतरण कर उनको खाद्य सुरक्षा प्रदान की जाएगी

लेकिन सरकार ने राहत पैकेज में जिस तरह से तीन महीनों की योजनाओं का ऐलान किया है, उससे यह अटकलें लगने लगी हैं कि सरकार आगे की तैयारियों के साथ बढ़ रही है।

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