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कटनी, शहडोल, सागर सहित अन्य जिलों के 58 मजदूरों को बसों से घर भेजा


लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को मिला सहारा।

हरदा। बसों से घर की ओर रवाना होते मजदूर।

नासिक से आए प्रेमलाल केवट परिवार सहित कटनी के लिए हुए रवाना।

हरदा। मंगलवार सुबह घर जाने के लिए हंगामा करने वाले मजदूरों को जिला प्रशासन ने उनके घर पहुंचा दिया है। जिला प्रशासन द्वारा प्रदेश के अनेक जिलों के मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई और विभिन्ना जिलों के 58 मजदूरों को दो बसों द्वारा रवाना किया गया। जिसमें कटनी के 26, मंडला के तीन,शहडोल के चार, उमरिया के तीन, सागर के पांच, सिवनी के चार, नरसिंहपुर के एक, दमोह के पांच एवं पन्नाा के सात व्यक्तियों को दो बसों द्वारा उनके गृह जिलों में भेजा गया है। इनमें से अधिकांश मजदूर महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों से हरदा पहुंचे थे। जिला प्रशासन द्वारा शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में इनके ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था की गई थी। लेकिन मंगलवार को घर जाने की जिद करते हुए इन्होंने आश्रय स्थल का गेट तोड़कर हंगामा कर दिया था।

COrona MP : सीधी के क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए बैगा जनजाति के शख्स ने की आत्महत्या ?


मृतक राजभान बैगा के अंतिम संस्कार के लिये कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा दस हजार रुपये की आर्थिक संहायता दी गई है. अपर कलेक्टर डीपी वर्मन का कहना है कि क्वारंटाइन सेंटर (Quarantine Center) से निकल कर शख्स ने आत्महत्या (Suicide) क्यों की इसकी जांच करवाई जा रही है.

सीधी के क्वारंटाइन सेंटर से कुछ दूर जंगल में पेड़ से लटकता मिला शव

सीधी. जनपद के एक क्वारंटाइन (Quarantine Center) सेंटर में रखे गए बैगा जनजाति के मजदूर के कथित तौर पर आत्महत्या (suicide) करने की रिपोर्ट आई है. महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) के संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है. गैर जनपद से आए लोगों को सरकारी निर्देशानुसार क्वारंटाइन किया जा रहा है. ऐसे में सागर जनपद (Sagar District) से सीधी जनपद आए मजदूरों को एक क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था. जहां बैगा जन जाति के 38 वर्षीय एक शख्स ने सेंटर से भागकर कुछ दूर जंगल में जा कर कथित रूप से अत्महत्या कर ली.

राजभान बैगा के आत्महत्या का कुछ स्पष्ट कारण अभी तक किसी को समझ नहीं आया है फिलहाल जांच जारी है. उसका शव पेड़ से लटकता पाया गया. यह घटना सीधी जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर कुसमी विकास खंड अंतर्गत दुबरी कला गांव से सटे जंगल में बुधवार-बृहस्पतिवार की दरमियानी रात की  बताई जा रही है.

23 मजदूरों को किया गया था क्वारंटाइन
इस मुद्दे पर अपर कलेक्टर डीपी वर्मन का कहना है कि क्वारेन्टाइन सेंटर से निकल कर शख्स ने आत्महत्या क्यों की इसकी जांच करवाई जा रही है. अगर इस मामले में किसी की लापरवाही पाई जाएगी तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मृतक राजभान बैगा के अंतिम संस्कार के लिये कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा दस हजार रुपये की आर्थिक संहायता दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार शाम को जिले के आदिवासी बाहुल्य जनपद पंचायत कुशमी के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दुबरी कलां का एक आदिवासी युवक राजभान बैगा अपनी पत्नी के साथ सागर जनपद में गेहूं की फसल की कटाई करने गया था.

बुधवार की शाम सागर से वापस आए लौटे कुल 23 मजदूरों को दुबरी कला के शासकीय विद्यालय में क्वारेंटाइन कर दिया गया था. कहा जा रहा है कि मृतक राजभान बैगा कुछ ही देर बाद शौच का बहाना बनाकर करकचहा नाला की तरफ चला गया. बहुत देर तक वापस न आने पर जब खोज-बीन शुरू हुई तो कुछ दूर जंगल में पेड़ से लटकती उसकी लाश दिखाई दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. कुसमी एसडीएम आर के सिन्हा पर आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद उन्होंने मामले में काफी लापरवाही बरती जिस पर अपर कलेक्टर का कहना है कि जांच कराई जा रही है अगर एसडीएम पर लगाए गए आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी.

लोगों को लगा बच्चों से मिलने जा रहा होगा
इस मामले में जानकारी देते हुए सीधी जिले के पुलिस अधीक्षक आरएस बेलवंशी ने शुक्रवार को बताया कि राजभान बैगा का शव गुरूवार को दुबरी कला गांव के समीप के जंगल में पेड़ से लटकता पाया गया. जब उनसे सवाल किया गया कि आत्महत्या की क्या वजह हो सकती है तो पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार वह क्वारंटाइन में रखे जाने के खिलाफ था और अपने बच्चों के साथ अपने घर में रहना चाहता था. लेकिन उसने आत्महत्या क्यों की इसकी विवेचना की जा रही है. उन्होंने बताया कि राजभान बैगा अपनी पत्नी व 23 मजदूरों के साथ सागर गेहूं की फसल की कटाई करने गया था. बुधवार की शाम सागर से लौटे इन मजदूरों को दुबरी कला के शासकीय विद्यालय में रखा गया.

सागर से सीधी 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है. पुलिस अधीक्षक बेलवंशी ने बताया कि बैगा कुछ ही देर बाद शौच का बहाना बनाकर करकचहा नाले की तरफ चला गया. लोगों को लगा कि हो सकता है वो बहाने से घर में बच्चों से मिलने जा रहा होगा. पुलिस अधीक्षक बेलवंशी के अनुसार जब पंचायत सचिव राम सुशील पटेल उसके घर पहुंचे तो वह वहां भी नहीं था. उन्होंने कहा कि इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू हुई लेकिन अंधेरा हो जाने के कारण तलाश नहीं हो सकी और बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे महुआ फूल बीनने गये ग्रामीणों को उसकी पेड़ पर लटकती हुई लाश नजर आई. उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस चौकी पोड़ी में मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है.

पार्कों के लिए निगम खुद तैयार करेगा खाद. मनोज कुमार अग्रवाल मुल्तापी समाचार


मुलतापी समाचार

सागर_ बुंदेलखंड की एकमात्र स्मार्ट सिटी सागर में पार्कों के लिए खाद निगम प्रशासन ही तैयार करेगा यानी पेड़ पौधों के लिए जो खाद आवश्यक होती है अब वह बाहर से नहीं मंगाई जाएगी पार्कों में निगम प्रशासन ही जरूरत के मुताबिक खाद तैयार करेगा वह भी पार्क से निकलने वाले कचरे से इसके लिए निगम द्वारा लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे और आखिरकार इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया गया है बताया जाता है कि नगर निगम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 20 20 अंतर्गत कचरे से खाद बनाने के लिए शहर में कई जगह लाठी तैयार किए जा रहे हैं काका गंज वार्ड स्थित ट्रैफिक पार्क में कचरे से खाद बनाने हेतु तैयार किए गए ना डिपका नगर निगम आयुक्त आरपी अहिरवार द्वारा निरीक्षण भी कर दिया गया है रिक्शा के दौरान निगमायुक्त ने कहा था कि ना डे का उपयोग कचरे से खाद बनाने के काम

दिया जाए तथा इससे जो खाद तैयार हो उसका उपयोग पार के पेड़ पौधों में किया जाए उन्होंने ट्रैफिक में किए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए थेl

MP: केरोसिन डालकर दलित युवक को जलाया, 60 प्रतिशत, पठान, कल्लू और इरफान गिरफ्तार


Multapi Samachar

दो दिन पहले भी आरोपितों का धनिराम से विवाद हुआ था। पीड़ित के भाई धर्मेंद्र अहिरवार ने बताया कि आरोपितों ने राजीनामा करने का भी दबाव बनाया। आरोपित और पीड़ित एक ही मुहल्ले के रहने वाले हैं।

धनिराम अहिरवार
दलित युवक को जिंदा जलाने की कोशिश

मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक दलित युवक को जिंदा जलाए जाने की घटना सामने आई है। युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि 14 जनवरी की रात 24 वर्षीय धनिराम अहिरवार पर कुछ लोगों ने केरोसिन उड़ेलकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की। करीब 60 फीसद तक झुलस चुके धनिराम की हालत गंभीर है। 

पुलिस ने आरोपितों छुट्टू, अज्जू पठान, कल्लू और इरफान ने को गिरफ्तार कर लिया है। आपसी विवाद के बाद इनलोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि इस घटना से दो दिन पहले भी इनलोगों का धनिराम से विवाद हुआ था। पीड़ित के भाई धर्मेंद्र अहिरवार ने बताया कि आरोपितों से बच्चों को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपितों ने राजीनामा करने का भी दबाव बनाया। 14 जनवरी की रात आरोपितों ने पीड़ित के परिजनों से मारपीट करते हुए धनिराम को घेर लिया और उसे आग लगा दी। 

सोशल मीडिया में शेयर किए जा रहे वीडियो से पता चलता है कि आरोपित कई दिनों से पीड़ित परिवार के लोगों को परेशान कर रहे थे। मोती नगर पुलिस ने आरोपित छुट्टू, अज्जू, कल्लू, इरफान के खिलाफ धारा 294, 323, 452, 307, 34 व एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। दैनिक भास्कर की खबर में पीड़ित का नाम धनप्रसाद बताया गया है। आरोपित और पीड़ित एक ही मुहल्ले के रहने वाले हैं।

मुलतापी समाचार न्यूज़ नेटवर्क